करौली
शहर में नगरीय विकास कर (UD Tax) की वसूली को लेकर नगर परिषद प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा के नेतृत्व में विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए शहर के 14 प्रमुख मैरिज होम और गार्डन संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों (2 दिन) के भीतर बकाया राशि जमा नहीं की गई, तो इन संस्थानों को तुरंत प्रभाव से सीज कर दिया जाएगा।
अधिनियम की धारा-129 के तहत कार्यवाही

नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा ने बताया कि यह कार्यवाही राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा-129 के अंतर्गत की गई है। लंबे समय से इन संस्थानों द्वारा नगरीय विकास कर की भारी राशि जमा नहीं कराई जा रही थी, जिसके चलते परिषद के राजस्व पर असर पड़ रहा था। बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद बकाया जमा नहीं कराने पर अब अंतिम चेतावनी नोटिस थमाए गए हैं।
इन मैरिज गार्डनों पर है लाखों का बकाया (पूरी सूची)
नगर परिषद द्वारा जारी सूची के अनुसार, शहर के नामी पैलेस और गार्डन इस डिफ़ॉल्टर्स लिस्ट में शामिल हैं। कुल बकाया राशि का विवरण इस प्रकार है:
| मैरिज गार्डन/संस्थान का नाम | बकाया राशि (लाख रुपये में) |
| भंवर विलास पैलेस | 19.10 |
| बाबूभाई पैराडाइज | 14.07 |
| आशीर्वाद मैरिज होम | 11.87 |
| लक्ष्मी मैरिज गार्डन | 11.60 |
| गर्ग पैलेस | 11.01 |
| करौली इन मैरिज गार्डन | 10.76 |
| वृन्दावन मैरिज गॉर्डन | 9.83 |
| लाड़ली पैलेस | 8.28 |
| जिन्दल मैरिज गार्डन | 7.20 |
| गोवर्धन पैलेस | 7.02 |
| शिवलॉज | 5.98 |
| द्वारिकाधीश मैरिज गार्डन | 5.22 |
| शिवशक्ति मैरिज गार्डन | 3.81 |
| गणेश बैक्ट हॉल | 1.51 |
आयुक्त की सख्त चेतावनी
आयुक्त प्रेमराज मीणा ने कड़े शब्दों में निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित संचालक अगले 2 कार्य दिवसों के भीतर बकाया राशि नगर परिषद के कोष में जमा करवाकर रसीद प्रस्तुत करें। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और बिना किसी पूर्व सूचना के तालाबंदी (सीजिंग) की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
इस कार्यवाही से शहर के व्यवसायिक हलकों में हड़कंप मच गया है। परिषद की इस सख्ती का उद्देश्य शहर के विकास कार्यों के लिए लंबित राजस्व को समय पर प्राप्त करना है।
