जयपुर महानगर प्रथम पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर आर्थिक दंड लगाने के साथ ही पीड़िता के पुनर्वास के लिए मुआवजे के आदेश भी जारी किए हैं। यह मामला अक्टूबर 2023 में शहर के मानसरोवर थाना इलाके में घटित हुआ था।
क्या था पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 14 अक्टूबर 2023 की है। मानसरोवर थाना इलाके में रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग के घर में आरोपी आकाश उर्फ कान्हा जबरन घुस आया। आरोपी ने नाबालिग के साथ डरा-धमकाकर दुराचार किया। जब पीड़िता ने विरोध करने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया।
मानसरोवर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी आकाश को तुरंत गिरफ्तार किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच पूरी की और जनवरी 2024 में कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश की।
कड़ी दलीलों के बाद आया फैसला
पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 की मजिस्ट्रेट दीक्षा सूद के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार शर्मा और यतेन्द्र कुमार कटारा ने कड़ी पैरवी की और आरोपी को सख्त सजा देने की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से बार अध्यक्ष सोमेश चंद्र शर्मा और रुस्तम शेख ने पैरवी की थी।
दोनों पक्षों की दलीलों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने आकाश उर्फ कान्हा को दोषी करार दिया।
कोर्ट का कड़ा रुख: सजा और जुर्माना
मजिस्ट्रेट दीक्षा सूद ने दोषी को निम्नलिखित सजा सुनाई:
- कठोर कारावास: दोषी को 20 वर्ष की सख्त जेल की सजा।
- आर्थिक दंड: 1 लाख रुपये का जुर्माना। जुर्माना नहीं भरने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
- पीड़िता को प्रतिकर: कोर्ट ने विधिक सेवा प्राधिकरण को आदेश दिया है कि पीड़िता को 2 लाख रुपये की सहायता राशि (प्रतिकर) प्रदान की जाए।
अदालत के इस फैसले ने समाज में कड़ा संदेश दिया है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
