वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ: राजस्थान में 19 से 26 जनवरी तक द्वितीय चरण के कार्यक्रम, गणतंत्र दिवस पर होगा सामूहिक गायन

जयपुर, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजस्थान सरकार का कला एवं संस्कृति विभाग पूरे राज्य में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। अतिरिक्त मुख्य शासन सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर को चार चरणों में मनाया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण की गतिविधियाँ 19 जनवरी से शुरू हो चुकी हैं जो 26 जनवरी 2026 तक जारी रहेंगी।

गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल की मौजूदगी में विशेष आयोजन

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर जयपुर में राज्यपाल के आतिथ्य में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला व ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों और स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया जाएगा। इस गौरवशाली पल में मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी आमजन के साथ शामिल होंगे।

स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगिताओं की धूम

द्वितीय चरण के दौरान राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS) और स्काउट-गाइड के सहयोग से विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं:

  • वंदे मातरम् पर आधारित संगीतमय प्रस्तुतियाँ और विशेष सभाएँ।
  • निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता।
  • रंगोली, चित्रकला प्रदर्शनी और देशभक्ति के कार्यक्रम।
  • सार्वजनिक स्थलों पर राज्य पुलिस बैंड द्वारा देशभक्ति गीतों की धुनें बजाई जाएंगी।

डिजिटल नवाचार: रिकॉर्ड करें अपनी आवाज़ में वंदे मातरम्

इस अभियान को जन-जन से जोड़ने के लिए प्रदेश में ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जा रहे हैं। यहाँ नागरिक पोर्टल पर उपलब्ध प्री-रिकॉर्डेड धुन के साथ अपनी आवाज़ में ‘वंदे मातरम्’ गाकर रिकॉर्ड कर सकेंगे और उसे अभियान के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।

चार चरणों में होगा उत्सव का समापन

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस आयोजन का रोडमैप तैयार किया गया है:

  1. प्रथम चरण: 7 से 14 नवंबर 2025 (संपन्न)।
  2. द्वितीय चरण: 19 से 26 जनवरी 2026 (वर्तमान)।
  3. तृतीय चरण: 7 से 15 अगस्त 2026 (‘हर घर तिरंगा’ अभियान के साथ)।
  4. चतुर्थ चरण: 1 से 7 नवंबर 2026 (भव्य समापन)।

प्रवीण गुप्ता (ACS) का संदेश: “इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना और नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।”

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