सवाई माधोपुर, सवाई माधोपुर के गौरवशाली 263वें स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को जिले के दशहरा मैदान में देश के पहले ‘अमरूद महोत्सव एवं कृषि तकनीकी मेला-2026’ का भव्य आगाज हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दीप प्रज्वलित कर इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन किया।
150 करोड़ का प्रोसेसिंग प्लांट: अब नहीं बर्बाद होगा अमरूद
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने क्षेत्र के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए 150 करोड़ रुपये की लागत से सवाई माधोपुर में अमरूद प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की घोषणा की।
- लक्ष्य: जिले में 11 हजार हेक्टेयर में फैले अमरूद के बगीचों से होने वाली आमदनी को सालाना 600-700 करोड़ से बढ़ाकर 1500-1600 करोड़ रुपये तक पहुँचाना।
- फायदा: किसानों को अपना फल बेचने के लिए दिल्ली या बड़ौदा नहीं जाना पड़ेगा। पके हुए अमरूदों से पल्प, जूस और जैम बनाकर उनकी वैल्यू बढ़ाई जाएगी।
‘सस्ता फल, लेकिन गुणों की खान’
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसानों को तकनीक से जोड़ने का यह एक बड़ा प्रयास है। उन्होंने कहा कि अमरूद एक स्वास्थ्य-वर्धक फल है और इस महोत्सव के जरिए इसके औषधीय गुणों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। मेले में अमरूद से बने अचार, जूस, कैंडी, बर्फी और चटनी जैसे उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है।
कृषि नवाचारों का संगम
दो दिवसीय इस मेले में करीब 250 स्टॉल्स लगाई गई हैं, जहाँ:
- देशभर के 20 से अधिक नर्सरी विशेषज्ञ और वैज्ञानिक किसानों को उन्नत किस्मों की जानकारी दे रहे हैं।
- ‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’ और ईआरसीपी (संशोधित पीकेसी) जैसी योजनाओं के जरिए सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने पर चर्चा की जा रही है।
- कृषि यंत्रों और ड्रोन तकनीक का जीवंत प्रदर्शन (Live Demo) किया जा रहा है।
“सवाई माधोपुर का अमरूद यहीं खपने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। हम प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएंगे।” — डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, कृषि मंत्री
