जयपुर, राजस्थान सरकार ने प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘राजस्थान युवा नीति 2026’ को पूरी तरह लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा विमोचित इस नीति का मुख्य विजन युवाओं को केवल ‘जॉब सीकर’ (नौकरी खोजने वाला) नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ (रोजगार प्रदाता) बनाना है।
इस नीति के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और उद्यमिता जैसे 7 प्रमुख स्तंभों (Thrust Areas) पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो ‘विकसित राजस्थान @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में आधारशिला साबित होंगे।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: ₹10 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण
युवा नीति 2026 की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ है। इसके तहत:
- 1 लाख युवाओं को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
- पात्रता: 18 से 45 वर्ष के राजस्थान के मूल निवासी।
- आर्थिक सहायता: ऋण के साथ-साथ ₹35,000 से ₹50,000 तक की मार्जिन मनी सहायता भी दी जाएगी।
रोजगार और शिक्षा में बड़े बदलाव
सरकार ने मार्च 2029 तक प्रदेश में 15 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है।
- भर्ती कैलेंडर: वर्ष 2026 के लिए 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती का कैलेंडर जारी किया गया है।
- आधुनिक शिक्षा: प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और ड्रोन तकनीक जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
- विवेकानंद युवा कोष: करियर काउंसलिंग और जिला स्तर पर ‘युवा अधिकारिता केंद्र’ खोलने के लिए ₹500 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है।
स्वास्थ्य, खेल और नेतृत्व विकास
युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए नीति में कई प्रावधान हैं:
- फिटनेस: नशामुक्त जीवनशैली के लिए योग, ध्यान और खेल गतिविधियों को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।
- TOPS स्कीम: राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम की शुरुआत की गई है ताकि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक सकें।
- युवा संसद: लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने के लिए नेतृत्व विकास कार्यक्रम और जिला स्तर पर संवाद आयोजित किए जाएंगे।
मजबूत क्रियान्वयन तंत्र
नीति को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने के लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। खेल एवं युवा मामलात मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति और राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करेगी।
