जयपुर: राजस्थान में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के दौर के बीच गुरुवार को मौसम में आए बदलाव ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है। राजधानी जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग सहित बीकानेर व जोधपुर के कुछ जिलों में आसमान में बादल छाए रहे, जिससे चिलचिलाती धूप का असर कम हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 10 से 12 दिनों के दौरान राज्य में दो बैक-टू-बैक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbances) सक्रिय होने वाले हैं, जिसका सीधा असर प्रदेश के तापमान पर पड़ेगा।
मौसम विभाग ने 14 मार्च (शनिवार) को राजस्थान के 8 जिलों में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का पूर्वानुमान है कि इन दो वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से अगले दो सप्ताह तक राज्य में गर्मी सामान्य रहेगी और तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी। पहला सिस्टम कल से असर दिखाएगा, जबकि दूसरा सिस्टम 19 मार्च से सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव 21 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के रूप में देखने को मिल सकता है।
तापमान का गणित: कोटा सबसे गर्म
गुरुवार को प्रदेश में गर्मी का सबसे ज्यादा असर कोटा में देखा गया, जहाँ अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पिछले कई दिनों से 40-41 डिग्री के बीच झुलस रहे बाड़मेर के पारे में गिरावट आई और यह 39.4 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ।
जयपुर में धूलभरी हवाओं का दौर
राजधानी जयपुर में गुरुवार सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे, जिससे दोपहर की धूप कमजोर रही। हालांकि, दोपहर से देर शाम तक शहर में हल्की धूलभरी हवाएं चलीं। बादलों की आवाजाही के चलते जयपुर के तापमान में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इन मौसमी बदलावों के चलते 23-24 मार्च तक राजस्थान में भीषण गर्मी की संभावना काफी कम है।
