जयपुर। Holi Celebration 2026: राजस्थान पर्यटन विभाग इस बार होली की ग्लोबल ब्रांडिंग करने जा रहा है। जयपुर के ऐतिहासिक खासा कोठी होटल में धुलंडी पर विदेशी पावणों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
राजस्थान की सतरंगी संस्कृति और होली के चटक रंगों का संगम इस बार पूरी दुनिया देखेगी। धुलंडी (मंगलवार) के अवसर पर जयपुर के होटल खासा कोठी परिसर में एक भव्य और विशेष होली उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की होली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ‘ब्रांड’ के रूप में स्थापित करना है।
300 किलो गुलाल और राजस्थानी गीतों की धूम
इस उत्सव को खास बनाने के लिए विभाग ने 300 किलो गुलाल का इंतजाम किया है। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर 1 बजे तक चलेगा। उत्सव के दौरान विदेशी मेहमान “होलिया में उड़े रे गुलाल” जैसे पारंपरिक राजस्थानी गीतों पर डीजे की धुनों पर थिरकेंगे। साथ ही, राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा कच्छी घोड़ी, गैर और चंग जैसे पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो आकर्षण का केंद्र होंगी।
3000 विदेशी पर्यटकों के जुटने की उम्मीद
पर्यटन विभाग ने इस बार करीब 3000 विदेशी पर्यटकों के शामिल होने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए शहर के विभिन्न होटलों में ठहरे विदेशी मेहमानों को विशेष निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान और पर्यटन व्यवसायियों से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने यहां ठहरे मेहमानों को इस उत्सव के बारे में जानकारी दें और उन्हें खासा कोठी तक लाने में सहयोग करें।
सुरक्षा के कड़े पहरे, स्थानीय लोगों के लिए ‘डिजिटल’ व्यवस्था
विदेशी मेहमानों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए पर्यटन विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं:
- प्रवेश निषेध: खासा कोठी परिसर के अंदर केवल विदेशी पर्यटकों और अधिकृत स्टाफ को ही प्रवेश दिया जाएगा। स्थानीय लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- लाइव टेलीकास्ट: शहरवासी इस उत्सव का आनंद ले सकें, इसके लिए होटल के बाहर एक बड़ी टीवी स्क्रीन लगाई जाएगी, जिस पर अंदर चल रहे रंगारंग कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा।
ग्लोबल ब्रांडिंग पर जोर
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के आयोजनों से राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच मिलता है। जब हजारों विदेशी पर्यटक यहां की होली के रंगों में रंगकर अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर तस्वीरें साझा करेंगे, तो इससे राजस्थान पर्यटन को जबरदस्त प्रोत्साहन मिलेगा।
