जयपुर: राजस्थान के शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन लॉटरी गुरुवार को जारी कर दी है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा निकाली गई इस लॉटरी के माध्यम से प्रदेश के 36,424 निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों का वरीयता क्रम (Priority List) तय कर दिया गया है।
33 हजार स्कूलों में मची होड़, 3287 रहे खाली
आंकड़ों के अनुसार, इस साल आरटीई के तहत प्रवेश के लिए कुल 6,25,146 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। प्रदेश में कुल 36,424 निजी स्कूल पंजीकृत हैं, जिनमें से 33,137 स्कूलों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 3,287 निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए एक भी विद्यार्थी ने रुचि नहीं दिखाई और वहां आवेदनों की संख्या शून्य रही। जयपुर जिले में सबसे अधिक 4,636 स्कूलों के लिए 1,01,605 छात्रों ने आवेदन किया है।
ट्रांसजेंडर बच्चों ने भी पेश की दावेदारी
इस वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। कुल आवेदकों में 3,29,165 बालक और 2,95,970 बालिकाओं के साथ-साथ पहली बार 11 ट्रांसजेंडर बच्चों ने भी नि:शुल्क शिक्षा के लिए आवेदन किया है। अभिभावकों को अधिकतम 5 स्कूलों का विकल्प दिया गया था, जिसके चलते कुल 19,92,357 ऑनलाइन चॉइस भरी गई थीं।
क्या है अगला चरण? (Schedule)
लॉटरी के जरिए वरीयता क्रम तय होने के बाद अब आगामी प्रक्रिया इस प्रकार रहेगी:
- वरीयता सूची चेक करना: अभिभावक आधिकारिक पोर्टल
www.rajpsp.nic.inपर अपनी आवेदन आईडी और मोबाइल नंबर से लॉगिन कर वरीयता क्रम देख सकते हैं। - चॉइस में बदलाव: यदि अभिभावक स्कूल चयन के क्रम में बदलाव करना चाहते हैं, तो वे 16 मार्च 2026 तक ऐसा कर सकते हैं।
- प्रथम चरण आवंटन: स्कूलों का प्रथम चरण का आवंटन 17 मार्च 2026 को किया जाएगा।
- दस्तावेज सत्यापन: आवंटित स्कूलों में रिपोर्टिंग और दस्तावेजों का सत्यापन 17 मार्च से 25 मार्च 2026 के बीच होगा।
कैटेगरी के अनुसार आए आवेदन:
- OBC: 3,16,230
- SC: 1,29,178
- General: 1,25,702
- ST: 36,146
- SBC: 17,890
