जयपुर: राजस्थान में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया और सबसे खतरनाक तरीका खोज लिया है—आपका WhatsApp अकाउंट। हाल ही में महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) के निर्देशानुसार एक विशेष सुरक्षा गाइडलाइन जारी की गई है। उपमहानिरीक्षक विकास शर्मा के अनुसार, ठग अब आपके अकाउंट का एक्सेस लेकर न केवल आपकी प्राइवेसी में सेंध लगा रहे हैं, बल्कि आपके रिश्तेदारों से पैसों की मांग कर बैंकिंग धोखाधड़ी को भी अंजाम दे रहे हैं।
ठगों का ‘जाल’: आप कैसे बनते हैं शिकार?
साइबर अपराधी इन तीन शातिर तरीकों से आपके फोन का नियंत्रण हासिल करते हैं:
- फेक लिंक: लुभावने ऑफर्स, सरकारी योजना या ‘डर’ पैदा करने वाले मैसेज के साथ भेजे गए लिंक।
- फर्जी कॉल: बैंक अधिकारी बनकर ओटीपी (OTP) मांगना।
- स्क्रीन शेयरिंग: ‘AnyDesk’ या ‘TeamViewer’ जैसे ऐप्स इंस्टॉल करवाकर फोन का रिमोट कंट्रोल लेना।
याद रखें: हैकर्स आपके अकाउंट का नियंत्रण मिलते ही आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट के लोगों को इमरजेंसी मैसेज भेजते हैं (जैसे एक्सीडेंट या अस्पताल का बहाना) और आपसे जुड़ी बैंकिंग डिटेल्स चोरी कर लेते हैं।
हैक हुआ अकाउंट वापस पाने की ‘रिकवरी गाइड’
यदि आपका WhatsApp हैक हो गया है, तो राजस्थान पुलिस ने इसे रिकवर करने के लिए ये Step-by-Step प्रक्रिया बताई है:
- Uninstall और सिम निकालें: सबसे पहले WhatsApp डिलीट करें और फोन से सिम कार्ड बाहर निकाल लें।
- एंटीवायरस स्कैन: फोन को किसी सुरक्षित वाई-फाई से जोड़ें, एंटीवायरस डाउनलोड करें और Full Scan कर संदिग्ध फाइल्स या ‘बोट्स’ डिलीट करें।
- सेटिंग्स बदलें: ‘Install from unknown sources’ को Disable करें। कॉल फॉरवर्डिंग चेक करें और
##002#डायल कर उसे बंद करें। - सिम का उपयोग: अपनी सिम को किसी दूसरे साधारण (Keypad) फोन में डालें।
- पुनः इंस्टॉलेशन: अपने स्मार्टफोन में WhatsApp फिर से इंस्टॉल करें।
- ‘Call Me’ विकल्प चुनें: वेरिफिकेशन के समय SMS के बजाय ‘Call me’ विकल्प चुनें। साधारण फोन पर आई कॉल में बताए गए कोड को स्मार्टफोन में डालें। आपका अकाउंट वापस आपके पास होगा।
भविष्य के लिए सुरक्षा मंत्र
- WhatsApp पर ‘Two-Step Verification’ हमेशा ऑन रखें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति से अपना OTP, PIN या स्क्रीन शेयर न करें।
- किसी परिचित के पैसे मांगने पर उसे भेजने से पहले कॉल कर पुष्टि जरूर करें।
मदद के लिए यहां संपर्क करें
साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत इन नंबरों पर सूचना दें:
- राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930
- राजस्थान पुलिस विशेष नंबर: 9256001930 / 9257510100
- ऑनलाइन शिकायत: [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया]
