जयपुर: राजस्थान में बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है । कार्मिक विभाग ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किए गए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के दो मुख्य अभियंता, दो अतिरिक्त मुख्य अभियंता, एक अधिशाषी अभियंता और एक वित्तीय सलाहकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है ।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज (List of Suspended Officers): कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार निम्नलिखित अधिकारियों को निलंबित किया गया है:

- कृष्णदीप गुप्ता (के.डी. गुप्ता): तत्कालीन मुख्य अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण), जयपुर ।
- दिनेश गोयल: तत्कालीन मुख्य अभियंता (विशिष्ट परियोजना), जयपुर ।
- शुभांशू दीक्षित: तत्कालीन सचिव, RWSSMB, जयपुर ।
- निरिल कुमार: तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (CMI), जयपुर ।
- विशाल सक्सेना: तत्कालीन अधिशाषी अभियंता, खंड-शाहपुरा, जयपुर ।
- सुशील शर्मा: तत्कालीन वित्तीय सलाहकार (जल जीवन मिशन), जयपुर ।

जेल की सलाखों के पीछे रहने पर हुई कार्रवाई
इन सभी अधिकारियों को एसीबी ने अपराध संख्या 245/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था । ये अधिकारी 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस या न्यायिक अभिरक्षा में रहे हैं । इसके चलते राजस्थान सिविल सेवाएं नियम, 1958 के नियम 13(2) के तहत इन्हें इनकी गिरफ्तारी की तिथि से ही निलंबित माना गया है ।
