राजस्थान में लंबे समय से लंबित पंचायत और निकाय चुनाव अब 15 अप्रैल 2026 तक संपन्न करा लिए जाएंगे। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया है कि चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस बयान के बाद कोर्ट ने पंचायत परिसीमन के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इनकार
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति बिपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने जयसिंह की ओर से दायर एसएलपी पर सुनवाई की। कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के 21 जनवरी 2026 के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अदालत को चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से परहेज करना चाहिए। याचिका में पंचायतों का मुख्यालय बदलने और 2025 की संशोधित अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई थी।
सरकार का तर्क: पूरी तरह कानूनी है परिसीमन
राज्य सरकार की ओर से एएसजी के.एम. नटराज और एजी शिवमंगल शर्मा ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि:
- परिसीमन की पूरी प्रक्रिया राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार ही की गई है।
- पंचायतों का मुख्यालय बदलना कोई मनमाना फैसला नहीं है, बल्कि नियमों के तहत लिया गया निर्णय है।
चुनावी टाइमलाइन पर एक नजर
सरकार ने कोर्ट में चुनाव कार्यक्रम की संभावित रूपरेखा भी पेश की है:
- 25 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) का प्रकाशन किया जाएगा।
- 15 अप्रैल 2026: इस तारीख तक पूरे प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।
