जयपुर में एक संवेदनशील मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने 75 वर्षीय बुजुर्ग दंपति का तलाक मंजूर करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जीवन के अंतिम पड़ाव में संपत्ति के झगड़ों या सामान्य पारिवारिक मतभेदों के आधार पर 58 साल पुराना रिश्ता खत्म नहीं किया जा सकता।
तथ्यों के साथ पूरी खबर पढ़ें:
- मामला क्या है: 75 वर्षीय सेवानिवृत्त स्कूल प्रिंसिपल ने 2014 में तलाक के लिए याचिका दायर की थी। यह मामला पिछले 12 साल से चल रहा था। पारिवारिक न्यायालय के बाद अब हाईकोर्ट ने भी इसे खारिज कर दिया है।
- कोर्ट की टिप्पणी: न्यायाधीश सुदेश बंसल और न्यायाधीश अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ ने कहा कि पति-पत्नी ने 46 साल (1967 से 2013 तक) बिना किसी शिकायत के जीवन बिताया है। जीवन के इस पड़ाव पर छोटे-मोटे झगड़ों या संपत्ति विवाद को ‘क्रूरता’ (Cruelty) नहीं माना जा सकता।
- विवाद की असली वजह: यह झगड़ा पति-पत्नी का नहीं, बल्कि बेटों के बीच संपत्ति बंटवारे का था। पत्नी संपत्ति बड़े बेटे को देना चाहती थी, जबकि पति दोनों बेटों को बराबर हिस्सा देना चाहता था। इसी बात पर मतभेद शुरू हुए थे।
- आरोप: 2014 में पत्नी ने दहेज प्रताड़ना का आरोप भी लगाया था, जिसे पुलिस और कोर्ट ने सामान्य वैवाहिक मतभेद मानते हुए खारिज कर दिया।
