जयपुर। राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाली कंपनियों पर सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट (औषधि नियंत्रण विभाग) ने एक ताज़ा अलर्ट जारी करते हुए 10 दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) घोषित कर दिया है। विभाग ने इन उत्पादों की बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
जांच में फेल हुए सैंपल्स
ड्रग कंट्रोलर राजस्थान द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, यह कार्रवाई 16 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच लिए गए नमूनों की जांच के बाद की गई है। प्रयोगशाला परीक्षण में ये उत्पाद सरकारी मानकों और गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इन उत्पादों के लेबल पर किए गए दावे पूरी तरह से भ्रामक और गलत थे।
प्रतिबंधित दवाओं और उत्पादों की सूची
अमानक घोषित किए गए उत्पादों में पेट की बीमारियों से लेकर एंटीबायोटिक तक शामिल हैं:
- गैस और पेट संबंधी दवाएं: Rabeprazole और Domperidone के सॉल्ट वाली दवाएं।
- एंटीबायोटिक: संक्रमण के इलाज में प्रयुक्त होने वाली Doxycycline और Amoxycillin.
- अन्य दवाएं: मल्टीविटामिन टैबलेट्स और कफ सिरप (Ambroxol एवं Guaiphenesin युक्त)।
- कॉस्मेटिक उत्पाद: कुछ विशेष ब्रांड के मेहंदी कोन और हेयर कलर भी मानकों पर फेल पाए गए हैं।
ड्रग कंट्रोलर के सख्त निर्देश
ड्रग कंट्रोलर ने प्रदेश के सभी औषधि नियंत्रकों को आदेश दिए हैं कि:
- बाजार से इन उत्पादों का पूरा स्टॉक तुरंत वापस (Recall) लिया जाए।
- संबंधित कंपनियों के अन्य बैचों की भी सघन निगरानी की जाए ताकि घटिया दवाएं मरीजों तक न पहुंचें।
- दोषी कंपनियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
सावधानी की अपील: यदि आपने हाल ही में इन सॉल्ट वाली दवाइयां या मेहंदी खरीदी है, तो उनके बैच नंबर की जांच जरूर करें और संदेहास्पद होने पर उनका उपयोग न करें।
