जयपुर, राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के पावन अवसर पर प्रदेश के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। जयपुर के राजस्थान विश्वविद्यालय कॉमर्स कॉलेज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिक्षा और रोजगार को लेकर कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं।
इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेशभर के लाखों विद्यार्थियों द्वारा एक साथ की गई सामूहिक सरस्वती वंदना से हुई, जिसने ज्ञान और विद्या के इस उत्सव को यादगार बना दिया।
शिक्षा क्षेत्र में ₹1000 करोड़ का निवेश: किसे क्या मिला?
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के कल्याण के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाया:
- निःशुल्क साइकिल वितरण: प्रदेश के 3.34 लाख छात्र-छात्राओं को साइकिलें दी गईं, ताकि स्कूल पहुँचने की राह आसान हो सके।
- ट्रांसपोर्ट वाउचर: 4.40 लाख विद्यार्थियों के लिए 53 करोड़ रुपये के ट्रांसपोर्ट वाउचर जारी किए गए।
- सीधे खाते में राशि (DBT): विभिन्न छात्र-कल्याणकारी योजनाओं के तहत 3.06 लाख छात्राओं के बैंक खातों में 126.81 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई।
युवाओं के लिए ‘रोजगार विजन 2026’ और 1 लाख नियुक्तियां
रोजगार की राह देख रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री ने ‘रोजगार विजन’ का खाका पेश किया। सीएम ने घोषणा की कि राज्य में 1 लाख से अधिक सरकारी पदों पर नई नियुक्तियां की जाएंगी।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक लाख सरकारी पदों का परीक्षा कैलेंडर भी जारी किया। इससे युवाओं को समय पर परीक्षा और परिणाम की स्पष्टता मिल सकेगी।
लक्ष्य: 2029 तक 15 लाख रोजगार के अवसर
सरकार ने अपनी दूरगामी ‘रोजगार नीति 2026’ के तहत मार्च 2029 तक प्रदेश में 15 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार निम्नलिखित कदम उठाएगी:
- AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म: युवाओं को स्किल और नौकरियों से जोड़ने के लिए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाएगा।
- ब्याज मुक्त ऋण: सूक्ष्म उद्यम (Small Businesses) शुरू करने वाले युवाओं को बिना ब्याज के लोन की सुविधा मिलेगी।
- ई-जॉब फेयर: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरी के अवसर तलाशने के लिए डिजिटल जॉब फेयर आयोजित किए जाएंगे।
अभिभावकों से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने ‘मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक’ (PTM) के माध्यम से प्रदेशभर के अभिभावकों और विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा ही ‘विकसित राजस्थान’ की नींव रखेगा और सरकार उनके सपनों को पंख देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
