जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को रसोई गैस (LPG) की कीमतों और सब्सिडी के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हाल ही में हुई कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार को घेरा, वहीं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने सरकार द्वारा अब तक दी गई राहत का पूरा ब्योरा पेश किया।
61 लाख से अधिक परिवारों को मिल रहा लाभ
मंत्री सुमित गोदारा ने सदन में जानकारी दी कि राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत कुल 1.08 करोड़ परिवार हैं। इनमें से अब तक 68.46 लाख परिवारों की LPG सीडिंग पूरी हो चुकी है और 61,06,474 परिवार सीधे तौर पर ‘मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना’ का लाभ उठा रहे हैं। मंत्री ने बताया कि भजनलाल सरकार ने अब तक 1051 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के खातों में ट्रांसफर की है।
टीकाराम जूली का हमला: “क्या सरकार उठाएगी बढ़ी कीमतों का बोझ?”
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 9 मार्च 2026 को हुई कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर सवाल दागे। उन्होंने कहा:
- महंगाई की मार: घरेलू सिलेंडर पर 80 रुपये और कमर्शियल पर 120 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है।
- वेटिंग लिस्ट: गैस बुकिंग पर 25-25 दिन की वेटिंग चल रही है, जिससे जनता परेशान है।
- राहत की मांग: जूली ने पूछा कि क्या सरकार इस बढ़ी हुई कीमत का बोझ खुद उठाकर जनता को 500 रुपये में ही सिलेंडर उपलब्ध कराएगी?
मंत्री का जवाब: अंतरराष्ट्रीय बाजार और विशेष अभियान
विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के आधार पर तय होती हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि:
- विशेष अभियान: तकनीकी कारणों से सब्सिडी से वंचित रह गए परिवारों के लिए सरकार विशेष अभियान चलाएगी ताकि सभी 1.08 करोड़ पात्र परिवारों को लाभ मिले।
- संकल्प: सरकार का संकल्प हर घर तक सस्ती गैस पहुँचाने का है और इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
वंचित परिवारों के लिए अच्छी खबर
शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ द्वारा उठाए गए डेटा विसंगति के मुद्दे पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों के राशन कार्ड या मैपिंग में तकनीकी दिक्कतें हैं, उन्हें जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सब्सिडी से वंचित न रहे।
