पशुपालन विभाग की सख्त हिदायत: 31 मार्च तक पूरा करें ‘मंगला पशु बीमा’ और ‘सेक्स सॉर्टेड सीमन’ का लक्ष्य, लापरवाही पर मिलेगा नोटिस

जयपुर, राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणाओं में शामिल ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना’ और ‘सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना’ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिनका लक्ष्य हर हाल में 31 मार्च तक पूरा करना होगा।

21 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य

समीक्षा के दौरान डॉ. समित शर्मा ने बताया कि विभाग को 31 मार्च तक 21 लाख पशुओं के बीमा का लक्ष्य हासिल करना है। उन्होंने अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन 10 हजार पशुओं का बीमा किया जा रहा है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने जिला प्रभारियों को निर्देश दिए कि उपलब्ध मानव संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग कर इस कार्य में और गति लाएं।

लापरवाही पर ‘कारण बताओ’ नोटिस के निर्देश

डॉ. शर्मा ने कुछ जिलों में ‘सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना’ की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आदेश दिए कि:

  • संस्थावार और कार्मिकवार लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।
  • लक्ष्य पूरा न करने वाली संस्थाओं और तकनीकी कार्मिकों को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया जाए।
  • संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़ ने सख्त लहजे में कहा कि “काम नहीं करने वाला हमारा दोस्त नहीं हो सकता, कर्तव्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

मोबाइल वेटरनरी यूनिट की GPS से होगी मॉनिटरिंग

पशुपालकों को सुदूर क्षेत्रों में घर बैठे उपचार उपलब्ध कराने वाली मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) के प्रभावी संचालन पर भी चर्चा हुई। शासन सचिव ने निर्देश दिए कि सभी यूनिट्स की मॉनिटरिंग GPS के माध्यम से की जाए और लाभार्थियों से फीडबैक लेकर सेवाओं में सुधार किया जाए।

टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन: 82% लक्ष्य पूरा

बैठक में विभाग की एक बड़ी सफलता भी सामने आई। एफएमडी (FMD) टीकाकरण में विभाग ने उत्कृष्ट कार्य किया है। अब तक लगभग 82 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा हो चुका है, जिसमें से 79 प्रतिशत डेटा भारत पशुधन ऐप पर अपलोड किया जा चुका है। डॉ. शर्मा ने इसके लिए अधिकारियों की सराहना की और शेष डेटा को जल्द पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए।

डिजिटलाइजेशन और पारदर्शिता पर जोर

शासन सचिव ने विभाग के सभी कार्यों को ‘ऑनलाइन मोड’ पर लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत पशुधन ऐप पर डेटा का डिजिटलाइजेशन भविष्य में केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट और सुशासन का आधार बनेगा। बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पशु चिकित्सकों की सराहना की गई और अन्य को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी गई।


बैठक में ये रहे उपस्थित: बैठक में संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड, पशुपालन निदेशक डॉ. सुरेश मीना, अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रवीण सेन, डॉ. विकास शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश के सभी संभागों और जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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