किसानों के लिए खुशखबरी: प्रल्हाद जोशी ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर के मानक किए जारी, खेती होगी सस्ती और प्रदूषण मुक्त

नई दिल्ली: भारतीय कृषि क्षेत्र को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) ने इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों (Electric Agricultural Tractors) के लिए आधिकारिक भारतीय मानक (Indian Standards) जारी कर दिए हैं। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने में ‘गेम चेंजर’ साबित होगी।

डीजल का विकल्प और कम लागत मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मानकों को जारी करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पारंपरिक डीजल से चलने वाले ट्रैक्टरों का एक बेहतरीन और टिकाऊ विकल्प हैं।

  • किसानों को फायदा: इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों की परिचालन लागत (Operating Cost) डीजल ट्रैक्टरों के मुकाबले काफी कम होती है। इससे किसानों का ईंधन पर होने वाला भारी खर्च बचेगा।
  • बेहतर प्रदर्शन: बैटरी तकनीक और इलेक्ट्रिक मोटर्स में हुई प्रगति के कारण अब ये ट्रैक्टर खेतों में भारी काम करने के लिए पूरी तरह सक्षम और कुशल हैं।

पर्यावरण संरक्षण और ‘नेट ज़ीरो’ लक्ष्य सरकार का यह कदम पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी अहम है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के इस्तेमाल से:

  1. टेलपाइप उत्सर्जन (Tailpipe Emissions) पूरी तरह खत्म हो जाएगा, जिससे वायु प्रदूषण नहीं होगा।
  2. खेतों में काम करते समय कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी।
  3. यह कदम भारत के जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा।

तकनीकी प्रगति ने बनाया संभव विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी तकनीक में तेजी से विकास हुआ है। इसी वजह से अब ऐसे इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर बनाना संभव हो पाया है जो डीजल ट्रैक्टरों के बराबर या उनसे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। सरकार द्वारा मानक तय किए जाने से अब विनिर्माता (Manufacturers) गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर बना सकेंगे।

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