साल 2025 की अंतिम ‘मन की बात’: PM मोदी बोले- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने बढ़ाया देश का मान, भारत अब सुरक्षा से समझौता नहीं करता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। साल 2025 के इस आखिरी संबोधन में पीएम मोदी ने बीते वर्ष की उपलब्धियों, चुनौतियों और भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 ने भारत को और अधिक आत्मविश्वास दिया है और देश ने सुरक्षा से लेकर विज्ञान तक हर क्षेत्र में अपनी मजबूत छाप छोड़ी है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सुरक्षा पर कड़ा संदेश प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा का जिक्र करते हुए साल 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “दुनिया ने साफ देख लिया है कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता।” पीएम ने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान दुनिया के हर कोने से भारत माता के प्रति प्रेम और भक्ति की तस्वीरें सामने आईं, जिसने देश की एकता को और मजबूत किया।

महाकुंभ और राम मंदिर: आस्था और विरासत का संगम वर्ष 2025 को आस्था और संस्कृति का अद्भुत वर्ष बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि साल की शुरुआत में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ (Mahakumbh 2025) ने पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया। वहीं, साल के अंत में अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण के कार्यक्रम ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। उन्होंने कहा कि आस्था, संस्कृति और भारत की विरासत के ये रंग इस साल एक साथ देखने को मिले।

12 जनवरी को ‘यंग लीडर्स डायलॉग’ आगामी साल 2026 की योजनाओं पर बात करते हुए पीएम ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अगले महीने 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ मनाया जाएगा। इसी दिन ‘Young Leaders Dialogue’ का आयोजन होगा, जिसमें प्रधानमंत्री स्वयं शामिल होंगे। उन्होंने देश के युवाओं से इस पहल से जुड़ने का आह्वान किया।

शहीद पार्वती गिरी और गणतंत्र दिवस पीएम मोदी ने ओडिशा की महान स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरी (Parvati Giri) को याद किया, जिनकी जन्म शताब्दी जनवरी 2026 में मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कैसे पार्वती गिरी ने महज 16 साल की उम्र में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में हिस्सा लिया और अपना जीवन आदिवासी कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। इसके साथ ही, पीएम ने आगामी 77वें गणतंत्र दिवस को संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर बताया।

विज्ञान और पर्यावरण में भारत की छलांग संबोधन में भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों का भी जिक्र हुआ। पीएम ने शुभांशु शुक्ला के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंचने और भारत में चीतों की संख्या 30 के पार होने को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अब लोग वही सामान खरीद रहे हैं, जिसमें भारत की मिट्टी की सुगंध और भारतीय का पसीना लगा हो।

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