खाटूश्यामजी फाल्गुन मेला: 125 किलो चांदी के रथ पर नगर भ्रमण के लिए निकले बाबा श्याम, उमड़ा आस्था का महाकुंभ

सीकर: सीकर के विश्वप्रसिद्ध खाटूश्यामजी धाम में फाल्गुनी एकादशी के पावन अवसर पर बाबा श्याम नगर भ्रमण के लिए निकले। करीब 350 वर्षों से चली आ रही प्राचीन परंपरा के अनुसार, बाबा श्याम अपने मंदिर से भव्य रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए रवाना हुए। इस बार आकर्षण का मुख्य केंद्र बाबा का विशेष रथ रहा, जिसे 125 किलो चांदी से बनाया गया है। करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बीकानेर के नोखा में निर्मित इस भव्य रथ को खींचने और बाबा की एक झलक पाने के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

नगर भ्रमण के दौरान फूलों और गुलाल की वर्षा

तय कार्यक्रम के अनुसार, रथयात्रा सुबह 11:15 बजे मंदिर प्रांगण से शुरू हुई। बाबा श्याम अपने प्रिय ‘नीले घोड़े’ पर विराजमान होकर कबूतर चौक और हॉस्पिटल चौराहा जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरे। पूरी खाटू नगरी ‘जय श्री श्याम’ के जयकारों से गूंज उठी और भक्तों ने चंग की धुन पर झूमते हुए बाबा पर फूलों और गुलाल की वर्षा की। यात्रा के दौरान रथ से भक्तों को चॉकलेट और फल वितरित किए गए, जिसे प्रसाद के रूप में लेने के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया।

दर्शन के समय में बदलाव और आगामी कार्यक्रम

21 फरवरी से शुरू हुए इस फाल्गुनी लक्खी मेले का समापन 28 फरवरी को होगा। मंदिर कमेटी ने दर्शनार्थियों के लिए विशेष सूचना जारी की है कि चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च को पूरे दिन बाबा के दर्शन बंद रहेंगे। इसके साथ ही 4 मार्च की रात 10 बजे से दर्शन बंद कर दिए जाएंगे, जो 5 मार्च को विशेष सेवा-पूजा और तिलक के बाद शाम 5 बजे पुनः सुचारू होंगे। प्रशासन और मंदिर कमेटी ने एकादशी की इस भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

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