करौली: मंडरायल में पेयजल संकट को लेकर फूटा आक्रोश, भीषण गर्मी में सड़क पर उतरे लोग; अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी

करौली/मंडरायल | राजस्थान में गर्मी की आहट के साथ ही करौली जिले के मंडरायल कस्बे में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच गई है। विगत 15 दिनों से नलों में पानी नहीं आने से परेशान ग्रामीणों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। आक्रोशित महिलाओं और पुरुषों ने उपखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन कर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जलदाय विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट रही है।

15 दिन से सूखे नल, महंगे टैंकरों का सहारा

धरने पर बैठे अशोक पीटीआई और सौरव समाधिया ने बताया कि 1 मार्च के बाद से ही कस्बे की आधा दर्जन कॉलोनियों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है। लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए महंगे दामों पर निजी टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जलदाय विभाग के अधिकारी केवल ‘एक-दो दिन’ का झूठा आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं, जबकि धरातल पर स्थिति बदतर होती जा रही है।

अधिकारियों की समझाइश और ग्रामीणों का गुस्सा

आक्रोश की सूचना मिलते ही तहसीलदार शीशराम गुर्जर और जलदाय विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JEN) अरुण मौके पर पहुँचे। अधिकारियों को सामने देख महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने दो-टूक कहा कि जब तक पानी की सप्लाई सुचारू नहीं होती, धरना समाप्त नहीं होगा।

विभाग का पक्ष: डैमेज लाइन बनी सिरदर्द

जलदाय विभाग के सहायक अभियंता (AEN) जगदीश मीणा ने बताया कि विभाग की टीम पिछले 10 दिनों से डैमेज पाइपलाइन को दुरुस्त करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही है। लीकेज पकड़ में नहीं आने के कारण समस्या जटिल हो गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि तकनीकी खामी को लगभग दूर कर लिया गया है और शनिवार शाम तक नलों में पानी की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।

धरने में ये रहे शामिल

प्रदर्शन के दौरान मोहन गुप्ता, सतीश तमोली, फरियाद खान, राधा देवी, रशीदा, ओमवती, विनय गुप्ता और मानसिंह गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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