जोधपुर: राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड जिला मुख्यालय के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का ‘मेगा कैंप फायर’ के साथ रंगारंग समापन हुआ। यह शिविर मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति और विशेष आवश्यकता वाले सामाजिक वर्गों के विद्यार्थियों को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। शिविर के अंतिम दिन प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और जिला सचिव डॉ. बी.एल. जाखड़ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्काउटिंग केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि भौतिक संसाधनों के अभाव में भी मुस्कुराहट के साथ चुनौतियों का सामना करने और उपलब्ध संसाधनों में बेहतर जीवन जीने की एक कला है।
परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को न केवल साहसिक गतिविधियों और कैंप क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया गया, बल्कि उन्हें आधुनिक दौर की तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सूचना प्रौद्योगिकी से भी रूबरू कराया गया। प्रशिक्षण सत्र सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक चलते थे, जिनमें जंगल सफारी, बिना बर्तन के भोजन बनाना और विभिन्न प्रकार के साहसिक खेल शामिल थे। सहायक राज्य संगठन आयुक्त छतर सिंह पडियार ने स्काउट्स से अपील की कि वे अस्पताल, यातायात नियंत्रण और मानवीय सेवा के क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें।
नि:शुल्क सुविधाएं और विजेताओं का सम्मान
राज्य मुख्यालय के वित्तीय अनुदान से आयोजित इस शिविर में कुल 130 प्रतिभागियों (90 स्काउट और 40 गाइड) ने भाग लिया, जिन्हें आवास, भोजन और पोशाक जैसी सुविधाएं पूरी तरह नि:शुल्क प्रदान की गईं। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिसमें कार्ड मेकिंग में ‘गुलाब टोली’ और ज्ञानेंद्रियों के खेल में अरविंद व विनीता ने बाजी मारी। शिविर के सफल संचालन में प्रशिक्षक राजेंद्र कुमार लिंबा, लीला चौधरी और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।
