ईरान और इजराइल के बीच छिड़े भीषण संघर्ष का सीधा असर अब राजस्थान के आम नागरिकों पर पड़ने लगा है। जोधपुर के मंडोर और सूरसागर इलाके के करीब 120 श्रद्धालु इस समय दुबई में फंसे हुए हैं। ये सभी लोग बड़ा रामद्वारा सूरसागर के संत अमृतराम महाराज की श्रीमद्भागवत कथा सुनने के लिए 23 फरवरी को दुबई गए थे। कथा 28 फरवरी को संपन्न हुई, लेकिन जब शनिवार रात ये लोग वापसी के लिए अबू धाबी एयरपोर्ट पहुंचे, तो वहां उड़ानें रद्द होने की सूचना मिली। सुरक्षा कारणों और क्षेत्र में हो रही बमबारी के चलते एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
एयरपोर्ट पर मचा कोहराम, पुलिस ने यात्रियों को भेजा होटल
जानकारी के अनुसार, सभी श्रद्धालु शनिवार रात एक बजे की फ्लाइट से भारत लौटने वाले थे। जैसे ही वे एयरपोर्ट पहुंचे, वहां अंतरराष्ट्रीय एयर स्पेस बंद होने के कारण हड़कंप मच गया। दुबई पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सभी यात्रियों को वापस मीना बाजार स्थित एक होटल में भेज दिया है। फंसे हुए लोगों में अधिकांश माली समाज के बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं, जो अब वहां लगातार हो रहे मिसाइल हमलों की खबरों से दहशत में हैं।
जोधपुर में परिजनों की बढ़ी धड़कनें, सरकार से मदद की गुहार
श्रद्धालुओं के दुबई में फंसने की खबर मिलते ही जोधपुर में उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। पूर्व जेडीए अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सोलंकी ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से संपर्क किया है और राज्य व केंद्र सरकार से इन यात्रियों की सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। यात्रियों ने भी वीडियो संदेशों के जरिए केंद्र सरकार से मदद की अपील की है।
दुबई संकट: एक नज़र में (Table)
| विवरण | जानकारी |
| फंसे हुए यात्रियों की संख्या | 120 (मुख्यतः जोधपुर से) |
| उद्देश्य | संत अमृतराम महाराज की कथा |
| प्रमुख क्षेत्र | मंडोर और सूरसागर (माली समाज) |
| वर्तमान स्थिति | मीना बाजार, दुबई के होटल में ठहरे हैं |
| उड़ान रद्द होने का कारण | ईरान-इजराइल युद्ध और बमबारी |
| मांग | केंद्र सरकार से सुरक्षित रेस्क्यू की अपील |
