अजमेर मेडिकल कॉलेज की हीरक जयंती: राजस्थान के मरीज अब दूसरे राज्यों में भी करा सकेंगे इलाज; सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए 190 करोड़ मंजूर

अजमेर: राजकीय जवाहर लाल नेहरू (JLN) मेडिकल कॉलेज, अजमेर के गौरवशाली 60 वर्ष पूरे होने पर शनिवार को दो दिवसीय ‘हीरक जयंती समारोह’ (Diamond Jubilee Celebration) का भव्य आगाज हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर अजमेर को चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी सौगातें मिलीं, वहीं चिकित्सा मंत्री ने प्रदेश के मरीजों के लिए एक अहम घोषणा की। समारोह में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और विधायक अनिता भदेल सहित देश-विदेश के नामचीन डॉक्टर्स और पूर्व छात्र शामिल हुए।

अब दूसरे राज्यों में भी इलाज: चिकित्सा मंत्री समारोह को संबोधित करते हुए चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी। उन्होंने घोषणा की कि राजस्थान के मरीज अब दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों में भी अपना उपचार करा सकेंगे। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए यह अहम फैसला लिया है।

खींवसर ने बताया कि पिछले दो सालों में राजस्थान में 50 हजार चिकित्साकर्मियों (डॉक्टर्स व नर्सिंग स्टाफ) की भर्ती की गई है। सरकार का लक्ष्य राजस्थान को ‘मेडिकल टूरिज्म हब’ बनाना है। उन्होंने बड़े अस्पतालों से अपील की कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दें, जिसमें सरकार पूरा सहयोग करेगी।

अजमेर में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक: दिल्ली-जयपुर जाने की जरूरत नहीं विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने अजमेर के विकास का खाका खींचते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अजमेर संभाग को चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है।

  • 190 करोड़ का बजट: अजमेर में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के निर्माण के लिए 190 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं, जो तीन चरणों में खर्च होंगे। इसके बनने के बाद मरीजों को गंभीर रोगों के इलाज के लिए जयपुर या दिल्ली नहीं भागना पड़ेगा।
  • 50 करोड़ से कायाकल्प: जेएलएन अस्पताल के जीर्णोद्धार (Renovation) के लिए 50 करोड़ रूपए अलग से खर्च किए जाएंगे।
  • कोटड़ा में सैटेलाईट अस्पताल: शहर के विस्तार को देखते हुए कोटड़ा क्षेत्र में एक नए सैटेलाईट अस्पताल का निर्माण भी किया जा रहा है।

“मातृभूमि की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” श्री देवनानी ने चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि 1851 में एक डिस्पेंसरी से शुरू हुआ यह सफर 1965 में मेडिकल कॉलेज बना और आज वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने कहा, “चिकित्सक भगवान का रूप होते हैं। अगर वे उपचार के साथ स्नेह और संवेदनशीलता भी जोड़ दें, तो मरीज जल्दी ठीक होता है। मातृभूमि की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है।” उन्होंने रोबोटिक सर्जरी, जीनोमिक्स और एआई (AI) आधारित तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया।

60 साल का गौरवशाली सफर अजमेर दक्षिण विधायक श्रीमती अनिता भदेल ने कॉलेज की यात्रा को याद करते हुए कहा कि 2025 में यह संस्थान आधुनिक सुविधाओं का केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि हीरक जयंती पर जुटे पूर्व छात्रों (Alumni) की सफलता आज यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

समारोह में आरपीएससी सदस्य डॉ. अशोक कुमार कालवाड़, प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया और अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे भी मौजूद रहे। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले भामाशाहों और चिकित्सकों को सम्मानित किया गया।

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