जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े 960 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में गिरफ्तार रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को जयपुर की एसीबी कोर्ट ने उन्हें फिर से दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट ने सुबोध अग्रवाल की वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपनी सास के निधन के चलते तेरहवीं तक अंतरिम जमानत मांगी थी।
”असली गुनहगारों को बचाया जा रहा है” – सुबोध अग्रवाल
पेशी के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए सुबोध अग्रवाल ने जांच एजेंसी पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि:
जांच में सहयोग: वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और अब तक 125 सवालों के जवाब दे चुके हैं।
कार्यकाल का विवरण: फाइनेंस कमेटी के कुल 37 मामलों में से केवल 4 मामले ही उनके कार्यकाल के हैं।
पिछले मामले: शेष 33 मामले (लगभग 600 करोड़ रुपये) उनके पद संभालने से पहले के अधिकारियों के समय के हैं।
गंभीर आरोप: अग्रवाल का कहना है कि जिन्होंने वास्तव में पैसा लिया उनकी जांच नहीं की जा रही है, बल्कि उन्हें जानबूझकर इस मामले में घसीटा जा रहा है।
एसीबी की तैयारी:
एसीबी ने अग्रवाल से पूछताछ के लिए 125 सवालों की एक विस्तृत फेहरिस्त तैयार की है। सुबोध अग्रवाल 18 अप्रैल 2022 से 17 मई 2023 तक जलदाय विभाग के फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन रहे थे। एसीबी अब अगले दो दिनों में उन फाइलों और हस्ताक्षरों का मिलान करेगी, जो इस घोटाले की जड़ माने जा रहे हैं।
