जयपुर: राजधानी जयपुर में शेयर मार्केट और रियल एस्टेट में मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगने वाले गिरोह के खिलाफ कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जयपुर कोर्ट के जज रामकिशन शर्मा ने आरोपी पंकज कुमार मीणा की जमानत याचिका (Bail Application) को सिरे से खारिज कर दिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने अपने परिजनों के साथ मिलकर सिविल लाइंस निवासी एक व्यक्ति को निवेश के नाम पर लाखों का चुना लगाया।
दिल्ली से हुई थी गिरफ्तारी, आदतन अपराधी है पंकज
सोडाला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पंकज कुमार मीणा (निवासी आमेर, हाल प्रहलादपुर, दिल्ली) को 10 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि पंकज एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2025 में ही सोडाला और श्याम नगर थानों में धोखाधड़ी के 3 अन्य मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह लगातार लोगों को निवेश के नाम पर निशाना बना रहा था।
क्या है पूरा मामला?
सिविल लाइंस निवासी परिवादी योगेश ढाका ने 19 सितंबर को सोडाला थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि पंकज कुमार मीणा ने अपने पिता इंद्र कुमार, जीजा राजपाल और अन्य साथियों के साथ मिलकर उसे शेयर मार्केट और रियल एस्टेट में पैसा लगाने पर भारी मुनाफे का झांसा दिया। उनके झांसे में आकर पीड़ित ने करीब 35 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस मिली।
वकील की दलील: ‘ऐसे अपराध समाज में भय पैदा करते हैं’
सुनवाई के दौरान परिवादी योगेश ढाका की ओर से पैरवी करते हुए एडवोकेट सरिता कुमारी यादव ने जमानत का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कोर्ट में तर्क दिया कि “इस तरह की घटनाएं समाज में भय का माहौल पैदा करती हैं और आर्थिक अपराध देश व समाज की व्यवस्था के लिए घातक होते हैं।” कोर्ट ने अभियोजन पक्ष और वकील की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी पंकज मीणा को जमानत देने से इनकार कर दिया।
