भगवान के नाम पर ‘पाप’ का बड़ा पर्दाफाश: 200 कैमरों के जाल में कैसे फंसी नागपुर की कुख्यात कामटी गैंग?

राजधानी जयपुर में आस्था और भगवान के नाम का सहारा लेकर लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का अंत हो गया है। माणकचौक थाना पुलिस ने नागपुर की कुख्यात ‘कामटी गैंग’ का भंडाफोड़ करते हुए पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह रास्ते चलते लोगों को काली माता का डर दिखाकर उनकी कीमती ज्वैलरी लूट लेता था। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार (MH20CS9680) भी बरामद की है। इस गैंग के तार केवल राजस्थान तक सीमित नहीं थे, बल्कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी इनके खिलाफ कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

इस पूरे मामले की परतें तब खुलना शुरू हुईं जब 19 जनवरी 2026 को माणकचौक इलाके में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके बेटे को नेशनल हैंडलूम के पास दो युवकों ने रोका और खुद को काली माता का सिद्ध भक्त बताया। बातों-बातों में उन्होंने पूजा-पाठ का डर दिखाकर युवक से सोने-चांदी के जेवर उतरवा लिए और नशीला पदार्थ सुंघाकर मौके से गायब हो गए। इस गंभीर घटना के बाद पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीरज पाठक और एसीपी पीयूष कविया के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने कड़ी मशक्कत करते हुए शहर के 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ा, जिसके बाद इस शातिर कामटी गैंग की पहचान हो सकी।

पुलिस इनकी तलाश में जुटी ही थी कि 2 अप्रैल 2026 को इस गैंग ने फिर से शहर में दस्तक दी और एक ज्वैलरी कारोबारी से 79 चांदी की अंगूठियों से भरा बैग ठग लिया। तकनीकी ट्रैकिंग से सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई और अजमेर हाईवे सहित शहर के विभिन्न इलाकों में नाकाबंदी कर दी। फिल्मी स्टाइल में पीछा करते हुए पुलिस ने अजमेर रोड स्थित दूदू के पास से तीन और विद्याधर नगर इलाके से दो आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में दो शातिर गिरकर घायल भी हो गए। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग पहले भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करते थे, फिर टारगेट को यह कहकर डराते थे कि भगवान उनसे नाराज हैं। पूजा के बहाने वे जेवर अपने पास ले लेते और रफूचक्कर हो जाते थे।

इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने नागपुर (महाराष्ट्र) और रतलाम (मध्यप्रदेश) से ताल्लुक रखने वाले जाबिर अली उर्फ जाबिर पंजाबी, जाफर जैदी, अली रजा उर्फ गुड्डू, अली नकी जैदी और मूल रूप से कोलकाता निवासी शेख अरबाज उर्फ साहिल को गिरफ्तार किया है। ये सभी आदतन अपराधी हैं और चोरी, लूट तथा आर्म्स एक्ट के मामलों में पहले भी पुलिस के रडार पर रहे हैं। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। फिलहाल पुलिस इन सभी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि अन्य वारदातों का भी पूरा सच सामने आ सके।

Share This Article
Leave a Comment