जयपुर: पिंक सिटी (Pink City) के निवासियों को जल्द ही आधुनिक, आरामदायक और इको-फ्रेंडली पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सौगात मिलने वाली है। जयपुर शहर की सड़कों पर अप्रैल महीने तक इलेक्ट्रिक बसें (Electric Buses) दौड़ना शुरू कर देंगी। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) द्वारा शहर में तीन दिनों तक किया गया दो ई-बसों का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है।
अगले 45 दिन में मिलेंगी 40 से 50 नई बसें
JCTSL के प्रबंध निदेशक (MD) नारायण सिंह ने बताया कि जयपुर में पहले चरण के तहत कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। तीन दिन के सफल ट्रायल के बाद अब उम्मीद है कि अगले 45 दिनों (अप्रैल तक) में 40 से 50 नई ई-बसों की पहली खेप जयपुर को मिल जाएगी। वहीं, शेष बसें भी अगले तीन महीनों के भीतर बेड़े में शामिल कर ली जाएंगी।
ट्रायल में किन पैमानों पर खरी उतरीं बसें?
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल के दौरान इन दो इलेक्ट्रिक बसों को शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर चलाकर देखा गया। इस दौरान मुख्य रूप से तीन चीजों की बारीकी से जांच की गई:
- बसों की कुल लोड (वजन) क्षमता।
- बैटरी की चार्जिंग क्षमता और माइलेज।
- शहर के ट्रैफिक में संचालन की व्यावहारिक स्थिति (Maneuverability)।
विद्याधर नगर और आगरा रोड डिपो से होगी शुरुआत
इन नई ई-बसों के संचालन और रखरखाव के लिए JCTSL अपने सभी डिपो को तेजी से अपग्रेड कर रहा है। शुरुआती चरण में 40 से 50 ई-बसों का पहला सेट टोडी मोड़ (विद्याधर नगर) और बगराना (आगरा रोड) डिपो को सौंपा जाएगा, क्योंकि ये दोनों डिपो ई-बसों की चार्जिंग और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर से पूरी तरह लैस हो चुके हैं।
‘पीएम ई-बस सेवा’ से पूरा हुआ सपना
गौरतलब है कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल में पहली बार प्रदेश के विभिन्न शहरों के लिए इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की घोषणा की गई थी, लेकिन फंड की कमी के चलते 2 साल तक यह प्रक्रिया कागजों से बाहर नहीं आ सकी। अब केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा स्कीम’ (PM e-Bus Sewa Scheme) के तहत जयपुर सहित राजस्थान के पांच शहरों के लिए एमओयू (MoU) साइन किया गया है। इस महात्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत पूरे राजस्थान को कुल 1150 नई इलेक्ट्रिक बसें मिलने वाली हैं।
