जोधपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीआई (CBI) ने जयपुर के निवारू आर्मी कैंट में तैनात असिस्टेंट गैरिसन इंजीनियर (AGE) सुधांशू सुमन को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि महज एक साल की नौकरी के भीतर ही आरोपी इंजीनियर ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली, जिसे देखकर जांच अधिकारी भी हैरान हैं।
27 अप्रैल तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
सोमवार को दो दिन की रिमांड पूरी होने पर सीबीआई ने आरोपी सुधांशू सुमन को जोधपुर की विशेष कोर्ट में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 27 अप्रैल तक न्यायिक अभिरक्षा (ज्यूडिशियल कस्टडी) में भेजने के आदेश दिए हैं।
नौकरी के एक साल में ‘कुबेर’ का खजाना!
सीबीआई की शुरुआती जांच में आरोपी की आय से अधिक संपत्ति का चौंकाने वाला ब्यौरा सामने आया है:
1.5 करोड़ का बंगला: साल 2023 में नौकरी जॉइन करने के ठीक एक साल बाद 2024 में आरोपी ने बिहार के भागलपुर में करीब डेढ़ करोड़ रुपए का आलीशान बंगला खरीदा।
30 लाख की SUV: साल 2025 में उसने जयपुर में करीब 30 लाख रुपए की लेटेस्ट मॉडल इलेक्ट्रिक एसयूवी खरीदी।
नकदी बरामदगी: गिरफ्तारी के बाद जयपुर आवास की तलाशी में 3 लाख रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं।

IIT रुड़की से की थी पढ़ाई, बिल पासिंग के बदले मांग रहा था घूस
बिहार के रहने वाले सुधांशू सुमन ने साल 2019 में IIT रुड़की से इंजीनियरिंग की थी। साल 2023 में उसने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) में बतौर ‘ग्रुप ए’ ऑफिसर जॉइन किया। जयपुर में तैनाती के दौरान उसके पास निर्माण कार्यों के बिल पास करने का जिम्मा था।
आरोप है कि उसने एक परिवादी के 35 लाख रुपए के बकाया बिल पास करने के बदले 90 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। 11 अप्रैल को जब वह रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपए ले रहा था, तभी सीबीआई ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
आय से अधिक संपत्ति (DA) का बनेगा केस
सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि एक असिस्टेंट इंजीनियर की आधिकारिक सैलरी और उसके द्वारा महज एक साल में खरीदी गई संपत्तियों के बीच भारी अंतर है। अब एजेंसी उसके बैंक खातों, आईटीआर (ITR) और लोन दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है ताकि आय से अधिक संपत्ति का पुख्ता मामला दर्ज किया जा सके।
