हनुमानगढ़/रावतसर: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षक समुदाय और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। रावतसर उपखंड अधिकारी (SDM) ने गैस किल्लत और कालाबाजारी रोकने के लिए तीन सरकारी शिक्षकों की ड्यूटी सीधे LPG गैस सिलेंडर वितरण के कंट्रोल रूम में लगा दी। हालांकि, भारी विरोध के बाद प्रशासन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं।
क्या था पूरा मामला?
14 मार्च 2026 को जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार, क्षेत्र में गैस की कमी और सुचारू वितरण की निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया। इस कंट्रोल रूम के संचालन के लिए रावतसर एसडीएम ने तीन शिक्षकों को अलग-अलग शिफ्ट में तैनात किया:
- राधेश्याम (राउमावि, डीडवासूपुरा): सुबह 6:00 से दोपहर 2:00 बजे तक।
- विक्रम सिंह (राप्रावि, विजयपुरिया): दोपहर 2:00 से रात 10:00 बजे तक।
- कैलाश शर्मा (मांगी देवी रामनिवास विद्यालय, बूंदावलिया): सुबह 10:00 से शाम 6:00 बजे तक।
परीक्षा के समय ‘गैस ड्यूटी’ से भड़के शिक्षक
जैसे ही यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। शिक्षकों का तर्क है कि वर्तमान में बोर्ड और स्थानीय परीक्षाएं चल रही हैं। इसके साथ ही शिक्षकों पर कॉपियां जांचने का भी भारी दबाव है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में उन्हें ‘गैर-शैक्षणिक’ कार्यों (Non-teaching duties) में झोंकना शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है।
“शिक्षकों का काम स्कूल में बच्चों को पढ़ाना और परीक्षा संपन्न कराना है, न कि गैस सिलेंडरों की निगरानी करना। सरकार बार-बार शिक्षकों को ही ऐसे कामों के लिए क्यों चुनती है?” — स्थानीय शिक्षक संघ
SDM का यू-टर्न: अब ऑफिस स्टाफ संभालेगा मोर्चा
चौतरफा विरोध और शिक्षकों की नाराजगी को देखते हुए रावतसर एसडीएम संजय अग्रवाल ने स्थिति को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की व्यस्तता और परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अब इस आदेश में बदलाव किया गया है। अब गैस कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी कार्यालय स्टाफ (Office Staff) को सौंपी गई है, ताकि शिक्षकों का कार्य प्रभावित न हो।
कंट्रोल रूम की जानकारी
गैस वितरण संबंधी शिकायतों के लिए रावतसर में स्थापित इस कंट्रोल रूम का संपर्क नंबर 01543-250123 है, जिसकी प्रभारी पायल अग्रवाल रहेंगी।
