धौलपुर (राजाखेड़ा)। राजस्थान के धौलपुर जिले के राजाखेड़ा उपखंड क्षेत्र में अपराधियों और दबंगों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि अब वे सरकारी कर्मचारियों और न्यायपालिका के कारिंदों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला राजाखेड़ा के दिघी गांव का है, जहाँ न्यायालय का समन (सिटिंग ऑर्डर) तामिल करवाने पहुंचे एक कर्मचारी पर हमला कर उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित कर्मचारी अमर फल पुत्र रामेश्वर मीणा, जो राजाखेड़ा के न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात है, ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह 7 फरवरी को दोपहर करीब 4:00 बजे ‘सविता गुप्ता बनाम मोहन प्रकाश’ मामले में न्यायालय के समन की तामील कराने दिघी गांव पहुंचा था।
जैसे ही वह आरोपी राजकुमार उर्फ रज्जो के घर पहुंचा, वहां मौजूद बेताल सिंह ठाकुर और राजकुमार उर्फ राजू पुत्र बाबूलाल कोली ने उसे घेर लिया।
सरकारी दस्तावेजों को फाड़ा और दी गालियां
पीड़ित के अनुसार, जब उसने अपना परिचय न्यायालय कर्मचारी के रूप में दिया, तो आरोपियों ने न केवल मां-बहन की भद्दी गालियां दीं, बल्कि उस पर जानलेवा हमला भी कर दिया। दबंगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए न्यायालय द्वारा दिए गए समन की नकलों को जबरन छीन लिया और उन्हें फाड़ दिया।
हैरान करने वाली बात यह है कि जब कर्मचारी ने खुद को कानून का सेवक बताया, तो आरोपियों ने बेखौफ होकर कहा, “हम सरकारी कर्मचारियों का इसी तरह इलाज करते हैं।” पीड़ित ने किसी तरह अपनी जान बचाई और वहां से भागकर सीधे राजाखेड़ा थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजाखेड़ा थाना अधिकारी गंभीर सिंह ने बताया कि पीड़ित कर्मचारी की तहरीर पर दो नामजद आरोपियों (बेताल सिंह और राजकुमार) तथा 8 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
