जयपुर, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने मंगलवार को शासन सचिवालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. बैरवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए ताकि राजस्थान के विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ समय पर मिले
उपमुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना 2025-26 की प्रगति पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि:
- योजना का लाभ हर पात्र विद्यार्थी तक समयबद्ध तरीके से पहुँचना चाहिए।
- विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
- आर्थिक तंगी किसी भी मेधावी छात्र की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए।
बजट घोषणाओं और निर्माण कार्यों में लाएं तेजी
बैठक में विभाग की बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए डॉ. बैरवा ने कहा कि महाविद्यालयों के भवनों और अन्य बुनियादी ढांचों के निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा किया जाए। इससे विद्यार्थियों को समय पर बेहतर शैक्षिक वातावरण और सुविधाएं मिल सकेंगी।
शिक्षा के क्षेत्र में नए कदम (मुख्य बिंदु):
अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने बैठक में विभाग की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया:
- 268 महाविद्यालयों में वाचनालय: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रदेश के 268 कॉलेजों में वाचनालय शुरू किए गए हैं।
- भवन निर्माण हेतु बजट: 47 राजकीय महाविद्यालयों के मरम्मत और निर्माण के लिए 29.13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- नए भवन: भिनाय (अजमेर), रामगढ़ (अलवर) और डूंगरपुर में नए महाविद्यालय भवनों के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है।
- बालिका शिक्षा: कालीबाई भील मेधावी छात्रा और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना जैसी योजनाओं के जरिए बालिकाओं को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
भर्तियों और अभियानों की समीक्षा
उपमुख्यमंत्री ने विभाग में प्रक्रियाधीन भर्तियों की वर्तमान स्थिति की भी जानकारी ली। इसके साथ ही राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) और प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
