नई दिल्ली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के मार्गदर्शन में दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) आगामी 22 मार्च 2026 को नेशनल लोक अदालत आयोजित करने जा रहा है। यह लोक अदालत दिल्ली हाई कोर्ट, सभी जिला अदालतों, उपभोक्ता अदालतों और ऋण वसूली ट्रिब्यूनल में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होगी। इस दौरान अदालतों में लंबित सभी दीवानी (Civil) और फौजदारी (Criminal) समझौते योग्य मामलों का निपटारा मौके पर ही किया जाएगा। लोक अदालत का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यहाँ दिया गया फैसला अंतिम होता है और इसके विरुद्ध किसी अन्य न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती, जिससे मामला हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। इसके अतिरिक्त, लोक अदालत में मामले के समाधान पर कोर्ट फीस (Court Fee) भी वापस मिल जाती है।
ट्रैफिक चालानों के लिए विशेष व्यवस्था
इस लोक अदालत में वर्चुअल कोर्ट में 30 नवंबर 2025 तक लंबित कंपाउंडेबल चालान और नोटिस लिए जाएंगे। चालान निपटान के लिए वादियों को दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के लिंक के जरिए चालान पर्ची डाउनलोड करनी होगी। 16 मार्च 2026 से प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से चालान पर्चियां डाउनलोड की जा सकेंगी, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति दिन 50,000 और कुल सीमा 2 लाख चालान निर्धारित की गई है। चालान पर्ची पर ही संबंधित न्यायालय संख्या और समय अंकित होगा, जहाँ जाकर वादी अपना चालान भुगत सकते हैं।
इन मामलों का होगा निपटारा और आवेदन की तिथि
लोक अदालत में मुख्य रूप से चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट), धन वसूली, बिजली और पानी के बिल, मोटर दुर्घटना दावा (MACT), श्रम विवाद और तलाक को छोड़कर वैवाहिक विवाद जैसे मामले सुलझाए जाएंगे। जो मामले अभी न्यायालय में दाखिल नहीं हुए हैं (Pre-litigation), उनके लिए वादी 17 मार्च 2026 तक DSLSA के कार्यालय या ई-मेल पर आवेदन दे सकते हैं। वहीं, लंबित मामलों के लिए वादी संबंधित न्यायालय के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। यह लोक अदालत तीस हजारी, साकेत, द्वारका, रोहिणी, कड़कड़डूमा और पटियाला हाउस सहित दिल्ली के सभी प्रमुख कोर्ट परिसरों में आयोजित होगी।
