शौर्य को सम्मान: चूरू स्टेडियम अब जनरल सगत सिंह के नाम, गौरव सेनानी समारोह में CM ने पूर्व सैनिकों को सौंपे जॉब लेटर

चूरू: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को चूरू के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित भव्य ‘गौरव सेनानी समारोह’ को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चूरू जिला खेल स्टेडियम का नाम बदलकर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के महानायक लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर रखने की ऐतिहासिक घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम आने वाली पीढ़ियों को हमारे वीरों के अदम्य साहस और बलिदान की याद दिलाता रहेगा।

कौन थे लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़?

चूरू के रतनस गांव में जन्मे सगत सिंह राठौड़ भारतीय सेना के उन चुनिंदा जनरलों में से एक थे, जिन्होंने 1971 के युद्ध में ढाका की मुक्ति में निर्णायक भूमिका निभाई थी। उनके नेतृत्व में ही 4 कोर ने अविश्वसनीय रूप से मेघना नदी को पार कर पाकिस्तानी सेना के दांत खट्टे किए थे। उन्हें ‘पद्म भूषण’ से भी सम्मानित किया गया था। आज उनके नाम पर स्टेडियम का नामकरण चूरू के लिए गर्व का विषय है।


समारोह की मुख्य झलकियां (Table Summary)

आयोजनगौरव सेनानी समारोह (सप्त शक्ति कमान द्वारा आयोजित)
मुख्य अतिथिमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
बड़ी घोषणाचूरू खेल स्टेडियम का नामकरण ‘लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़’ के नाम पर
सम्मानपूर्व सैनिकों और ‘वीर नारियों’ (युद्ध विधवाओं) का अभिनंदन
रोजगार सौगातपूर्व सैनिकों को नियुक्ति पत्र (Job Letters) सौंपे गए
अन्य गतिविधिसेना द्वारा लगाई गई हथियार प्रदर्शनी और स्टॉल्स का अवलोकन

वीर नारियों और राष्ट्ररक्षकों का सम्मान

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना की ‘सप्त शक्ति कमान’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने उनके त्याग और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार वीर प्रसूता माताओं और उनके परिजनों के कल्याण के लिए अटल संकल्पित है।

“हमारी सरकार राष्ट्ररक्षकों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। पूर्व सैनिकों को जॉब लेटर सौंपना उनके पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक छोटा सा प्रयास है।” — भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री

प्रदर्शनी में दिखा सेना का शौर्य

मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर सेना द्वारा लगाई गई विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। यहाँ विभिन्न हथियारों और स्टॉल्स के माध्यम से सेना की आधुनिक तकनीक और गौरवशाली इतिहास को दर्शाया गया था। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए इसे युवाओं में देशभक्ति का संचार करने वाला बताया।

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