अप्रैल में एक साथ मिलेगा 3 महीने का राशन, 41 लाख फर्जी कार्ड रद्द

नई दिल्ली। देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक साथ दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां सरकार ने लाभार्थियों को आगामी तीन महीनों का राशन एडवांस में देने का ऐतिहासिक फैसला किया है, वहीं दूसरी ओर सिस्टम में सेंध लगाकर मुफ्त अनाज डकार रहे अपात्रों के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ भी की है।

अप्रैल में ही मिलेगा तीन महीने का कोटा

केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution) ने घोषणा की है कि अप्रैल 2026 में लाभार्थियों को केवल एक महीने का नहीं, बल्कि अप्रैल, मई और जून का राशन एक साथ वितरित किया जाएगा। इस फैसले से गरीब परिवारों को बार-बार राशन की दुकान के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और उनके पास अनाज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा।

किसे कितना मिलेगा लाभ?

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA): इसके तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज (गेहूं और चावल का मिश्रण) मिलता है। अब एक साथ प्रति व्यक्ति 15 किलो अनाज मिलेगा।
  • अंत्योदय अन्न योजना (AAY): सबसे गरीब परिवारों को प्रति परिवार 35 किलो राशन दिया जाता है। इस योजना के तहत आने वाले परिवारों को अप्रैल में कुल 105 किलो राशन एकमुश्त मिलेगा।
  • अतिरिक्त वितरण: कई राज्यों में इसके साथ ही चीनी और केरोसिन का वितरण भी इसी तर्ज पर किया जाएगा।

41 लाख फर्जी राशन कार्डों पर चला ‘पीला पंजा’

राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने अपात्र कार्ड धारकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राज्यसभा में खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 के दौरान देशभर में कुल 41,41,000 अपात्र राशन कार्ड रद्द किए गए हैं।

इन राज्यों में हुई सबसे ज्यादा कार्रवाई:

ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार लिंकिंग के माध्यम से पकड़े गए फर्जीवाड़े में ये राज्य सबसे आगे रहे:

राज्यरद्द किए गए राशन कार्ड
हरियाणा13.43 लाख (देश में सबसे ज्यादा)
राजस्थान6.05 लाख
उत्तर प्रदेश5.97 लाख
पश्चिम बंगाल3.74 लाख
मध्य प्रदेश2.60 लाख

क्यों रद्द हुए कार्ड?

मंत्री ने बताया कि कई लोग आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद राशन कार्ड का लाभ ले रहे थे, जबकि कई कार्ड ‘मृत’ व्यक्तियों के नाम पर या ‘फर्जी पते’ पर चल रहे थे। सरकार का लक्ष्य है कि अपात्रों को हटाकर यह अनाज उन जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए जो अभी भी वेटिंग लिस्ट में हैं।

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