पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी है। कच्चा तेल 122 डॉलर प्रति बैरल के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुका है, जिससे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने की आशंका थी। इस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक साहसिक निर्णय लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में ₹10 प्रति लीटर की कटौती कर दी है।
राहत का गणित: सरकारी खजाने पर पड़ेगा भारी बोझ
इस कटौती के बाद अब पेट्रोल पर प्रभावी उत्पाद शुल्क ₹11.9 और डीजल पर ₹7.80 प्रति लीटर रह जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, एक्साइज में कटौती उन बढ़ती कीमतों को ‘ऑफसेट’ (बराबर) करेगी, जो युद्ध के कारण बढ़नी तय थीं। हालांकि, इस फैसले से सरकारी खजाने को सालाना ₹1.75 लाख करोड़ का राजस्व नुकसान होगा, जिसे सरकार खुद वहन करेगी।
लॉकडाउन की अफवाहों का अंत
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर युद्ध की स्थिति को देखते हुए देश में फिर से लॉकडाउन लगाने की अफवाहें उड़ रही थीं। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “देश में लॉकडाउन का कोई प्रस्ताव नहीं है। नेताओं और अन्य लोगों को अफवाह फैलाकर डर का माहौल पैदा करने से बचना चाहिए।” उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार राजकोषीय घाटे और बढ़ती कीमतों के बोझ से आम आदमी को बचाने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
ईंधन की किल्लत रोकने के लिए ‘विंडफॉल टैक्स’
देश के भीतर ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने निजी रिफाइनरी कंपनियों पर नकेल कसी है। डीजल निर्यात पर ₹21.5 और विमान ईंधन (ATF) पर ₹29.5 प्रति लीटर निर्यात शुल्क (विंडफॉल टैक्स) लगाया गया है, ताकि कंपनियां ज्यादा मुनाफे के लिए ईंधन विदेश न भेजें। रिफाइनरियों के लिए अपने डीजल निर्यात का 30% हिस्सा घरेलू बाजार में बेचना अनिवार्य कर दिया गया है।
बाजार पर युद्ध का साया
युद्ध की आग ने शेयर बाजार और भारतीय रुपये को बुरी तरह झुलसा दिया है। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,690 अंक (2.25%) टूटकर 73,583 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 487 अंक फिसलकर 22,820 पर आ गया। वहीं, रुपया एक ही दिन में 28 पैसे कमजोर होकर 94.89 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों को ‘एकजुट’ रहने का मंत्र दिया है और युद्ध के चलते बन रहे हालातों पर ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने को कहा है।
