जयपुर, राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने संगठित अपराध के खिलाफ साल की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए जोधपुर की कुख्यात ‘007 गैंग’ के मुख्य सरगना राजूराम उर्फ राजू पिलवा को दबोच लिया है। 25 हजार रुपये का इनामी यह हार्डकोर अपराधी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए ‘भक्ति’ का सहारा लेने की कोशिश कर रहा था, लेकिन टास्क फोर्स ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
सांवरिया सेठ के मंदिर जाने की थी योजना
एडीजी (एजीटीएफ) दिनेश एमएन ने बताया कि टास्क फोर्स को सटीक सूचना मिली थी कि राजू पिलवा जोधपुर के शताब्दी सर्किल पर अपने साथियों का इंतजार कर रहा है। वह वहां से चित्तौड़गढ़ स्थित सांवरिया सेठ मंदिर दर्शन करने जाने की फिराक में था। एजीटीएफ की टीम ने घेराबंदी की और उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
जुर्म का लंबा कच्चा चिट्ठा: 48 संगीन मामले दर्ज
राजू पिलवा केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि जोधपुर ग्रामीण इलाके में खौफ का दूसरा नाम रहा है।
- अपराधों की फेहरिस्त: हत्या के प्रयास, फायरिंग, अवैध हथियार तस्करी और ड्रग स्मगलिंग जैसे 48 गंभीर मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं।
- गैंग का नेतृत्व: राजू मांजू के बाद वर्तमान में 007 गैंग की कमान राजू पिलवा ही संभाल रहा था।
- बड़ी वारदात: यह चर्चित हनुमान साईं हत्याकांड का मुख्य आरोपी है, जिसके बाद जोधपुर के सामराउ गांव में बड़े पैमाने पर जातीय संघर्ष और आगजनी हुई थी।
कांस्टेबल सुनील की ‘टिप’ बनी गेम चेंजर: इस पूरे ऑपरेशन में एजीटीएफ के कांस्टेबल सुनील की सूचना सबसे महत्वपूर्ण रही। जैसे ही अपराधी ने अपने कदम बाहर निकाले, टास्क फोर्स की टीम (एएसआई राकेश जाखड़ और डीएसपी फूलचंद टेलर के नेतृत्व में) ने उसे दबोच लिया।
क्या है 007 गैंग?
जोधपुर के लोहावट और फलोदी क्षेत्र में सक्रिय यह गैंग सोशल मीडिया पर हथियार लहराने और युवाओं को अपराध की ओर धकेलने के लिए कुख्यात है। राजू पिलवा की गिरफ्तारी को इस गैंग की रीढ़ की हड्डी तोड़ने वाली कार्रवाई माना जा रहा है।
अक्टूबर 2025 की वो खौफनाक वारदात
राजू पिलवा पर इनाम घोषित होने का मुख्य कारण अक्टूबर 2025 की एक घटना थी। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर श्रवण कुमार नामक व्यक्ति की गाड़ी को टक्कर मारी और उस पर अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में पीड़ित के पेट में गोली लगी थी और बदमाशों ने उसकी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था।
टीम की सफलता: इस ऑपरेशन को सफल बनाने में एजीटीएफ के एसपी ज्ञानचंद यादव, एएसपी नरोत्तम लाल वर्मा और कांस्टेबल मगनाराम व सुमेर सिंह की विशेष भूमिका रही। आरोपी को अग्रिम पूछताछ के लिए लोहावट पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
