जयपुर: राजस्थान विधानसभा में कृषि और सहकारिता की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने खाद की किल्लत और किसानों पर लाठीचार्ज के विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि प्रदेश में यूरिया और डीएपी की कोई कमी नहीं है और सरकार ने नकली खाद-बीज बनाने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है।
नकली खाद माफिया के खिलाफ स्ट्राइक
डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने जानकारी दी कि सरकार ने मिलावटखोरों पर नकेल कसते हुए 27 नकली खाद-बीज बनाने वाली फैक्ट्रियों को सीज कर दिया है। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि:
- नकली खाद के मामलों में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए गए हैं (पिछली सरकार में केवल 20 थे)।
- 169 डीलरों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं।
- 28 मामलों में गिरफ्तारियां हुई हैं, जबकि 21 आरोपियों ने अग्रिम जमानत ली है।
क्यों लगी खाद के लिए कतारें?
मंत्री ने सदन में स्वीकार किया कि कुछ जगहों पर किसानों की लंबी लाइनें देखी गईं, लेकिन इसके पीछे प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि प्राकृतिक कारण थे। उन्होंने तर्क दिया कि इस बार मानसून लंबा चला, जिससे जमीन में नमी अधिक समय तक बनी रही। इसके चलते बुवाई का रकबा बढ़ गया और खाद की तत्काल मांग में अचानक तेजी आई। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार से मांग के अनुसार पर्याप्त आपूर्ति मिल रही है।
विपक्ष पर तीखा हमला
पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए डॉ. किरोड़ी ने कहा, “पिछले राज में रिटेलर ट्रेडर्स की आदतें बिगड़ गई थीं। तब खाद के लिए लाठीचार्ज आम बात थी, लेकिन हमारे कार्यकाल में कहीं भी ऐसी कोई अनहोनी या लाठीचार्ज नहीं हुआ है।”
दो साल के कामकाज पर होगी बहस
शनिवार को भी विधानसभा की कार्यवाही जारी रहेगी, जिसमें भजनलाल सरकार के दो साल के कार्यकाल पर विशेष बहस होगी। ‘दो साल बनाम पांच साल’ की इस चर्चा के बाद शनिवार शाम को खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सदन में जवाब देंगे। इसके अलावा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर शिक्षकों के खाली पदों और मनरेगा में दिए गए रोजगार के सवालों पर भी सरकार का पक्ष रखेंगे।
