विधानसभा में गूंजा IIFA पर 60 करोड़ का ‘Filmy Tamasha’! कांग्रेस विधायक रफीक खाने ने उठाया मुद्दा

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में आज उस समय जबरदस्त टकराव देखने को मिला जब Expose Now की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट सदन की चर्चा का केंद्र बन गई। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने सीधे आंकड़ों की बात करते हुए पूछा कि आखिर किस आधार पर जनता की गाढ़ी कमाई को मनोरंजन और इवेंट्स के नाम पर पानी की तरह बहाया गया। सरकारी खजाने पर ‘राइजिंग’ हवन!


उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा:

“प्रदेश के अस्पताल दवाओं के लिए तरस रहे हैं, स्कूलों की इमारतें जर्जर हैं, लेकिन सरकार ने चंद घंटों के मनोरंजन के लिए जनता की कमाई को ‘माचिस’ दिखा दी है। यह ब्रांडिंग नहीं, बल्कि सरकारी खजाने की खुल्लम-खुल्ला लूट है।”


‘राइजिंग राजस्थान’ या इवेंट कंपनियों की चांदी?

IIFA के साथ-साथ ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट पर हुए खर्च ने भी सदन का पारा गरमा दिया। दस्तावेजों के अनुसार, इस समिट पर 102 करोड़ रुपये से अधिक (₹1,02,93,06,609) खर्च किए गए हैं। विधायक ने सवाल उठाया कि निवेश लाने के नाम पर किया गया यह खर्च धरातल पर कम और ‘इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों’ की तिजोरियां भरने में ज्यादा इस्तेमाल हुआ है।

कर्ज में डूबा प्रदेश और शाही खर्च

विपक्ष ने तर्क दिया कि राजस्थान पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रहा है। ऐसे में 162 करोड़ रुपये का यह ‘शाही खर्च’ आम आदमी के साथ भद्दा मजाक है। रफीक खान ने मांग की कि सरकार जवाब दे कि इन आयोजनों से प्रदेश को वास्तव में कितना निवेश मिला और क्या यह खर्च प्रदेश की बुनियादी जरूरतों (शिक्षा और स्वास्थ्य) से ज्यादा जरूरी था?

सदन में विवाद और गरमाया माहौल

इन आंकड़ों के सामने आते ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। विपक्ष ने इसे “सरकारी खजाने की खुल्लम-खुल्ला लूट” करार दिया। रफीक खान ने मांग की कि यह पैसा जो जर्जर स्कूलों और अस्पतालों की सूरत बदल सकता था, उसे मनोरंजन पर खर्च करने की जवाबदेही तय होनी चाहिए। इस दौरान सदन में काफी शोर-शराबा हुआ और माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा।

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