‘Udaipur Files’ से मचेगा सियासी भूचाल? BJP नेत्री के रेप-ब्लैकमेलिंग केस पर टीकाराम जूली का बड़ा खुलासा

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में एक हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म का मामला अब ‘सियासी भूचाल’ में तब्दील हो गया है। जहाँ एक ओर पुलिस ने आरोपी वकील को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ‘उदयपुर फाइल्स’ (Udaipur Files) के जल्द आने का दावा कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

AI वीडियो और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज आरोप

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, एक भाजपा महिला नेता ने एडवोकेट विशाल गुर्जर पर आईटी एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया है।

  • पीड़िता का बयान: महिला ने बताया कि वह पिछले एक साल से आरोपी के ऑफिस में जूनियर के रूप में काम कर रही थी।
  • आरोप: आरोपी उसे वकालत के काम से बाहर ले जाता था और आरोप है कि उसने एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर महिला का आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।
  • गिरफ्तारी: पुलिस ने 12 फरवरी को आरोपी को गिरफ्तार किया और 17 फरवरी को एक अन्य मामले में उसे दोबारा प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया।

टीकाराम जूली का ‘उदयपुर फाइल्स’ वाला बयान

जयपुर में मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, “किसी ने उदयपुर फाइल्स देखी है? मेरे पास भी जल्द ही उदयपुर फाइल्स आने वाली है, जिसमें भाजपा का एक बड़ा मामला उजागर होगा”। इस बयान ने मामले को पूरी तरह से राजनीतिक रंग दे दिया है, जिससे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

घटनाक्रम की टाइमलाइन (Timeline: कब क्या हुआ)

तिथिमुख्य घटनाक्रम
11 फरवरीभाजपा नेत्री ने भूपालपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
12 फरवरीशाम 7 बजे केस दर्ज हुआ; रात 3 बजे पुलिस ने आरोपी को घर से हिरासत में लिया।
13 फरवरीकोर्ट में पेशी और दो दिन के रिमांड पर भेजा गया।
16 फरवरीआरोपी के परिजनों ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मिलकर निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई।
17 फरवरीप्रोडक्शन वारंट के जरिए एक अन्य मामले में आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी हुई।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, CBI जांच की मांग

कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपी के परिजनों और मोहल्ले के निर्दोष लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच CBI से करवाई जाए ताकि सच सामने आ सके।

वहीं, आरोपी के परिवार ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में तोड़फोड़ की और महिलाओं से दुर्व्यवहार किया है। उनका दावा है कि यह सब एक नेता के इशारे पर किया जा रहा है।

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