NSIL-2026: जयपुर में बोले CM भजनलाल- ‘वेदों के साथ AI और श्लोकों के साथ कोडिंग’ वाली शिक्षा की है जरूरत

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित ‘अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम-2026’ (NSIL-2026) का भव्य उद्घाटन किया। इस राष्ट्रीय स्तर के समागम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन साझा किया और कहा कि आज हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जो भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का एक सुंदर संगम हो।

चरित्र निर्माण और रोजगारपरक शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें नवाचार और तकनीक के साथ-साथ युवाओं का चरित्र निर्माण भी हो। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और उसे रोजगारपरक बनाने के लिए राजस्थान सरकार पूरी तरह से संकल्पबद्ध है। संबोधन के दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को पेपर लीक के मामलों में भी कटघरे में खड़ा किया।

वेदों के ज्ञान के साथ रोबोटिक्स और नैनो टेक्नोलॉजी

शिक्षा की नई दिशा तय करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज देश को ऐसी शिक्षा की आवश्यकता है जहां वेदों के ज्ञान के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की समझ हो, संस्कृत के श्लोकों के साथ कोडिंग की भाषा हो और योग-ध्यान के साथ रोबोटिक्स और नैनो टेक्नोलॉजी हो।” उन्होंने ‘अंतर-संस्थागत विकास पर संवाद’ की थीम को आज के युग के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया।

क्या है ‘जयपुर डिक्लरेशन’?

NSIL-2026 में देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के कुलगुरु, डीन और शीर्ष नेतृत्व एक ही मंच पर जुटे हैं। वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), शोध, नवाचार और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर मंथन कर रहे हैं। समागम के समापन पर ‘जयपुर डिक्लरेशन’ जारी किया जाएगा, जो आने वाले समय में देश की उच्च शिक्षा के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज साबित होगा।

विकसित भारत 2047 और युवा शक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है, जिसकी 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को सही शिक्षा, कौशल और मार्गदर्शन देना ही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

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