जयपुर: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने अपने बजट 2026-27 में ‘अन्नदाता’ और ‘आम राहगीर’ दोनों का खास ख्याल रखा है। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में बजट पेश करते हुए जहां एक तरफ किसानों के लिए ब्याज मुक्त ऋण और सब्सिडी की झड़ी लगा दी, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में शानदार सड़कों का जाल बिछाने के लिए खजाना खोल दिया है।
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किसानों की बल्ले-बल्ले: 25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त कर्ज
सरकार ने खेती को लाभ का सौदा बनाने के लिए चौतरफा रणनीति अपनाई है।
- ब्याज मुक्त ऋण: प्रदेश के 35 लाख किसानों को 25,000 करोड़ रुपये के अल्पकालीन फसली ऋण ब्याज मुक्त दिए जाएंगे। इसका 800 करोड़ रुपये का ब्याज भार सरकार उठाएगी।
- तारबंदी पर सब्सिडी: आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए 20,000 किलोमीटर तारबंदी का लक्ष्य रखा गया है। अब सामुदायिक तारबंदी के लिए 10 की जगह सिर्फ 7 किसानों का समूह भी आवेदन कर सकेगा।
- सिंचाई और मशीनरी: 36,000 फॉर्म पॉन्ड बनाने के लिए 585 करोड़ की सब्सिडी मिलेगी। साथ ही, 500 नए कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाएंगे जहां से किसान सस्ते किराए पर आधुनिक मशीनें ले सकेंगे।
- मुफ्त बीज: ‘मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना’ के तहत 2.5 लाख किसानों को दलहनी-तिलहनी फसलों के उन्नत बीज मुफ्त मिलेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर बूम: 1800 करोड़ से संवरेंगी सड़कें
वित्त मंत्री ने कहा कि ‘विकसित राजस्थान 2047’ के लिए कनेक्टिविटी रीढ़ की हड्डी है।
- ROB और सड़कें: आगामी वर्ष में 1800 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट हाईवे, रेलवे ओवर ब्रिज (ROB), अंडर पास (RUB) और एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा।
- मरम्मत के लिए बजट: टूटी सड़कों (Non-patchable) के लिए 1400 करोड़ और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बारिश से खराब सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ अलग से दिए गए हैं।
- अटल प्रगति पथ: 5000 से अधिक आबादी वाले गांवों में सीमेंटेड सड़कें बनाने के लिए 250 अटल प्रगति पथों पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
रोजगार और मंडी सुधार
कृषि छात्रों के लिए भी अच्छी खबर है। कृषि विश्वविद्यालयों में 445 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा मंडियों में टीन शेड और अन्य सुविधाओं के विस्तार पर 350 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
