राजधानी जयपुर के श्याम नगर इलाके में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक गाय के बाड़े में बछड़े का कटा हुआ सिर लटका हुआ मिला। यह खौफनाक मंजर देखते ही देखते सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। वीडियो वायरल होते ही अशोकपुरा कॉलोनी (गली नंबर-3) में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और मामला साम्प्रदायिक व राजनीतिक रूप लेने लगा। कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता मौके पर पहुँच गए और नारेबाजी शुरू हो गई। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला। हालांकि, जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की, तो मामला किसी क्रूरता का नहीं, बल्कि ‘अंधविश्वास’ और ‘दूध के लालच’ का निकला।
वीडियो वायरल, सियासत तेज और खाचरियावास का बयान

किसी अज्ञात व्यक्ति ने गाय के सामने लटके बछड़े के सिर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसे देख लोगों में आक्रोश फैल गया। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए गोपालक पर गंभीर आरोप लगाए। मौके पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के जुटने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। असामाजिक तत्वों ने इसे गलत रंग देने की कोशिश की, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
पुलिस जांच में खुलासा: गौ सेवा संघ से जुड़े हैं बंटी शर्मा
श्याम नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि यह बाड़ा गौ सेवा संघ से जुड़े गोपालक बंटी शर्मा का है। पुलिस ने जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की, तो एक अजीबोगरीब कहानी सामने आई। पता चला कि बछड़े की मौत प्राकृतिक रूप से हुई थी, किसी ने उसकी हत्या नहीं की थी।
अंधविश्वास का खेल: ‘सिर में भूसा भरकर लटकाओ, गाय दूध देगी’
जांच में सामने आया कि बछड़े की मौत के बाद गाय ने दूध देना बंद कर दिया था और वह व्याकुल रहने लगी थी। इस समस्या के समाधान के लिए बंटी शर्मा हिंगोनिया गौशाला पहुंचे। आरोप है कि वहां के प्रबंधन ने उन्हें एक अवैज्ञानिक और अंधविश्वासी सलाह दी। उन्हें कहा गया कि “मरे हुए बछड़े के सिर में भूसा भरकर उसे गाय के सामने लटका दिया जाए, जिसे देखकर गाय दूध देना शुरू कर देगी।” इसी टोटके को अपनाने के चक्कर में यह वीभत्स दृश्य बना, जिसे लोगों ने क्रूरता समझ लिया।
पुलिस का एक्शन: अफवाह फैलाने वाले डिटेन
श्याम नगर थाना प्रभारी दलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई भी सांप्रदायिक या आपराधिक मंशा नहीं थी। यह केवल एक मृत बछड़े के साथ किया गया अंधविश्वासी कृत्य था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से बछड़े के सिर को हटवाया। थाना प्रभारी ने बताया, “माहौल बिगाड़ने और गलत अफवाह फैलाने के आरोप में कुछ लोगों को डिटेन किया गया है। यदि कोई अब भी भ्रामक जानकारी फैलाता है, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।” फिलहाल पुलिस वीडियो वायरल करने वाले की पहचान कर रही है।
