आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और स्मार्टफोन की लत ने हमारी नींद का गणित बिगाड़ दिया है। लोग अक्सर देर रात तक रील्स स्क्रॉल करते हैं या वेब सीरीज देखते हैं, लेकिन यह आदत जानलेवा साबित हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रात 11 बजे के बाद सोना सीधे तौर पर आपके शरीर के तीन सबसे महत्वपूर्ण अंगों—लिवर, दिमाग और पाचन तंत्र को धीरे-धीरे बर्बाद कर रहा है।
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देर रात जागने का इन 3 अंगों पर प्रहार
- लिवर (शरीर की फिल्टर मशीन):रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक का समय लिवर के लिए सबसे सक्रिय होता है। इस दौरान लिवर खून को साफ करता है और टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थ) बाहर निकालता है। देर रात जागने से यह डिटॉक्स प्रक्रिया रुक जाती है, जिससे चेहरे पर मुंहासे, लगातार थकान और फैटी लिवर जैसी बीमारियां घर कर लेती हैं।
- दिमाग और याददाश्त:सोते समय हमारा दिमाग ‘ग्लाइम्फैटिक सिस्टम’ के जरिए कचरा साफ करता है। रात 11 बजे के बाद जागने से दिमाग को यह मरम्मत का समय नहीं मिलता। नतीजा? याददाश्त कमजोर होना, ब्रेन फॉग, चिड़चिड़ापन और भविष्य में अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा।
- पाचन तंत्र (आंतें):देर रात जागने से शरीर में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे कब्ज, एसिडिटी, ब्लोटिंग और तेजी से वजन बढ़ने की समस्या आम हो जाती है।
सोने का ‘गोल्डन आवर’ क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, रात 10 बजे से 12 बजे तक का समय ‘गोल्डन स्लीप आवर’ कहलाता है। इस दौरान शरीर खुद को सबसे तेजी से रिपेयर करता है।
| उम्र वर्ग | सोने का सही समय |
| बच्चे | रात 8:00 – 9:00 बजे |
| टीनेजर्स | रात 9:00 – 10:00 बजे |
| वयस्क | रात 10:00 – 10:30 बजे |
समय पर सोने के जादुई फायदे
- मेंटल हेल्थ: तनाव और एंग्जायटी में कमी आती है।
- हार्ट हेल्थ: दिल की सेहत में सुधार होता है और ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है।
- नेचुरल ग्लो: समय पर सोने से त्वचा पर प्राकृतिक निखार आता है।
- इम्युनिटी: शरीर की बीमारियों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।
