जयपुर, राजधानी जयपुर में ऑटो रिक्शा के जरिए महिलाओं को शिकार बनाने वाली एक शातिर अंतर्राज्यीय गैंग का कोतवाली थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किया गया 33 ग्राम सोना बरामद किया है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 6 लाख रुपये है।
मदद के बहाने गहनों पर करते थे हाथ साफ
पुलिस उपायुक्त (जयपुर उत्तर) करण शर्मा ने बताया कि यह गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं को निशाना बनाता था। 27 जनवरी 2026 को हुई एक वारदात के बाद गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों को दबोचा। गैंग का तरीका बेहद शातिराना था:
- जाल बिछाना: गिरोह का एक सदस्य महिला को बातों में उलझाता।
- भरोसा जीतना: खुद को मददगार बताकर उन्हें ऑटो में बैठाते।
- वारदात: विश्वास में लेकर गहने उतरवाते और मौका मिलते ही बदल देते या चुरा लेते।
गुजरात से आकर जयपुर में फैलाया जाल
जांच में सामने आया कि यह गैंग विशेष रूप से गुजरात के पाटन जिले की रहने वाली है। ये लोग जयपुर आकर वारदात करते और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए तुरंत शहर छोड़ देते थे। गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, जिनमें से कुछ पर पहले भी चोरी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस की अपील: रहें सावधान
कोतवाली पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों और पूर्व में की गई वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है। इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस ने आमजन, विशेषकर महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा ऑटो में दी गई लिफ्ट या अत्यधिक “मदद” के झांसे में न आएं।
प्रमुख बिंदु (At a Glance)
| मुख्य जानकारी | विवरण |
| गिरफ्तार आरोपी | 4 (पाटन, गुजरात निवासी) |
| बरामदगी | 33 ग्राम सोना (कीमत ~6 लाख रु.) |
| प्रमुख इलाका | कोतवाली थाना क्षेत्र, जयपुर |
| गिरोह का नाम | गुजराती ऑटो गैंग |
| वारदात का तरीका | बातचीत में उलझाकर और ऑटो में बैठाकर चोरी |
