नरेगा का नया अवतार: ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अधिनियम लागू, अब मिलेगा 125 दिन का गारंटीकृत रोजगार

जयपुर, ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकताओं के अनुरूप, पुराने ‘महात्मा गांधी नरेगा’ को प्रतिस्थापित करते हुए अब ‘विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM J) विधेयक 2025’ को लागू कर दिया गया है।

यह नया अधिनियम न केवल रोजगार की गारंटी बढ़ाता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण और तकनीकी पारदर्शिता पर भी केंद्रित है।

नए अधिनियम की 5 बड़ी बातें:

1. 100 की जगह अब 125 दिन का काम अधिनियम की धारा 5(1) के तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 के बजाय 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में स्थिरता आएगी।

2. खेती के समय 60 दिनों का ‘ब्रेक’ कृषि कार्यों और श्रमिकों की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाने के लिए राज्यों को एक वित्तीय वर्ष में 60 दिनों की समेकित विराम अवधि (No-Work Period) अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है। यह अवधि बुवाई और कटाई के व्यस्त सीजन के लिए होगी, ताकि खेती प्रभावित न हो।

3. समय पर मजदूरी और मुआवजा भुगतान प्रणाली को सख्त बनाते हुए अधिनियम (धारा 5(3)) में प्रावधान है कि मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से करना होगा। यदि भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिकों को मुआवजा पाने का कानूनी अधिकार होगा।

4. भ्रष्टाचार पर एआई (AI) की नजर योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने के लिए जीपीएस (GPS), एमआईएस डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इससे फर्जी हाजिरी और बजट की लीपापोती पर लगाम लगेगी।

5. बजट और फंड शेयरिंग मॉडल यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है। इसमें सामान्य राज्यों के लिए केंद्र-राज्य की हिस्सेदारी 60:40 होगी, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह 90:10 रखी गई है। प्रशासनिक खर्च की सीमा को भी 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है ताकि बेहतर ट्रेनिंग और तकनीकी क्षमता विकसित की जा सके।


ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर फोकस

यह अधिनियम केवल मजदूरी तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, आजीविका के साधन और टिकाऊ सार्वजनिक संपत्तियों का निर्माण करना है। ग्राम पंचायत स्तर पर विकेंद्रीकृत योजनाएं तैयार की जाएंगी, जो स्थानीय जरूरतों के अनुसार होंगी।

निष्कर्ष: संसद द्वारा पारित ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025’ अब ग्रामीण भारत की नींव को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए तैयार है। यह रोजगार को मात्र एक कल्याणकारी योजना से ऊपर उठाकर ‘विकास का एकीकृत माध्यम’ बनाता है।

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