विधानसभा में गूंजा गोपालन का मुद्दा: नंदीशालाओं के लिए 90% अनुदान देगी सरकार, मंत्री जोराराम कुमावत का बड़ा बयान

जयपुर, राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र के दूसरे दिन गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने राज्य में गौशालाओं और नंदीशालाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने वैर (भरतपुर) से भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सरकार की योजनाओं का खाका पेश किया।

नंदीशालाओं के लिए विधायकों से विशेष आग्रह

मंत्री कुमावत ने सदन में सभी विधायकों से अपील की कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पंचायत समिति स्तर पर नंदीशाला खोलने के लिए सक्रिय पहल करें।

  • 90% अनुदान: मंत्री ने स्पष्ट किया कि नंदीशाला निर्माण के लिए राजस्थान सरकार कुल लागत का 90 फीसदी तक अनुदान प्रदान करती है।
  • प्रक्रिया: विधायकों को अपने जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भिजवाने होंगे।
  • विकास कार्य: पात्र गौशालाओं में अन्य विकास कार्यों के लिए भी सरकार द्वारा वित्तीय सहायता देय है।

गोचर भूमि से हटेगा अतिक्रमण

विधायक बहादुर सिंह कोली द्वारा गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री कुमावत ने कहा कि ऐसी भूमि पंचायती राज विभाग के क्षेत्राधिकार में आती है।

“मैं पंचायती राज मंत्री से आग्रह करता हूँ कि वे प्रदेश में अतिक्रमण वाली गोचर भूमियों को चिन्हित करें और उन्हें कब्जामुक्त करवाएं ताकि गौवंश के लिए पर्याप्त चारागाह उपलब्ध हो सकें।”


गौशालाओं के लिए भूमि आवंटन के नियम

गोचर भूमि को गौशालाओं के लिए आवंटित करने के प्रश्न पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन ग्राम पंचायतों में ‘सिवाय चक’ (सरकारी खाली भूमि) उपलब्ध नहीं है, वहां नियमानुसार गोचर भूमि का आवंटन किया जा सकता है। इसके लिए विभाग द्वारा विधिवत प्रस्ताव लिए जाएंगे।

इस चर्चा के दौरान पशुपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में सदन ने गौवंश संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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