जयपुर, राजस्थान के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHED) मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। बुधवार को जयपुर स्थित विभागीय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन (JJM) में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर “जीरो टॉलरेंस”
मंत्री ने निर्देश दिए कि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन अधिकारियों पर नाराजगी जताई जो आरोप पत्र (Charge Sheet) जारी करने में देरी कर रहे हैं।
- आरोप पत्र में देरी: उन्होंने कहा कि आरोप पत्र जारी करने में विलंब करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
- बजट घोषणाओं की डेडलाइन: मंत्री ने 2024-25 और 2025-26 की बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं की निविदाएं प्रक्रियाधीन हैं, उनके कार्य आदेश 15 फरवरी तक अनिवार्य रूप से जारी किए जाएं।
पेयजल आपूर्ति और बुनियादी ढांचा
ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को पूर्व तैयारी के निर्देश दिए:
- ग्रीष्मकालीन तैयारी: पेयजल समस्याग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों से निर्बाध आपूर्ति के लिए पहले से योजना बनाने और हैंडपंप व ट्यूबवेल की ड्रिलिंग/कमीशनिंग का कार्य 15 फरवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
- अमृत 2.0: इस योजना के तहत बकाया 8.50 लाख कनेक्शनों को शीघ्र जोड़ने और शेष निविदाओं को 15 फरवरी तक पूरा करने को कहा गया है।
- नगर पालिकाओं में सुधार: नवसृजित नगर पालिकाओं में शहरी मापदंडों के अनुसार 100 LPCD (लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) के आधार पर पेयजल योजनाएं लागू की जाएंगी।
राजस्व और उपभोक्ता राहत
मंत्री ने फील्ड अधिकारियों को बकाया राजस्व वसूली में तेजी लाने और उपभोक्ताओं को हर महीने मासिक बिल जारी करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता पर एक साथ बड़ा वित्तीय भार न पड़े।
बैठक में मिशन निदेशक डॉ. रविंद्र गोस्वामी, मुख्य अभियंता संदीप शर्मा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
