राजस्थान में ‘ग्राम उत्थान शिविर’ का आगाज: 1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मिली बड़ी राहत, किसान सम्मान निधि की 5वीं किस्त जारी

जयपुर/सिरोही, अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान की है। गुरुवार को सिरोही में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों, महिलाओं और श्रमिकों के कल्याण के लिए 1,590 करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे उनके खातों में हस्तांतरित कीं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘ग्राम उत्थान शिविरों’ का भी विधिवत शुभारंभ किया, जो 23 जनवरी (बसंत पंचमी) से प्रदेश के हर गिरदावर सर्किल पर आयोजित किए जाएंगे।

1.59 लाख करोड़ का हिसाब: किसे क्या मिला?

मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित किया:

  • मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि: 65 लाख किसानों को 5वीं किस्त के रूप में 653 करोड़ रुपये
  • फसल खराबा मुआवजा: 5 लाख किसानों को 327 करोड़ रुपये की राहत।
  • समर्थन मूल्य (MSP): 10 हजार किसानों को खरीद के पेटे 240 करोड़ रुपये
  • दुग्ध उत्पादक संबल: 4 लाख पशुपालकों को 50 करोड़ रुपये का बोनस।
  • गैस सब्सिडी: 30 लाख महिलाओं को 75 करोड़ रुपये की सब्सिडी।
  • PM आवास योजना: 20 हजार लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये
  • श्रमिक कल्याण: 1 लाख निर्माण श्रमिकों को 100 करोड़ रुपये की सहायता।

23 जनवरी से शुरू होंगे ग्राम उत्थान शिविर

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के 2,839 गिरदावर सर्किलों पर दो चरणों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों के दरवाजे तक पहुंचाना है।

  • पहला चरण: 23, 24, 25 और 31 जनवरी।
  • दूसरा चरण: 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक। इन शिविरों में तारबंदी, सोलर पंप, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पशु बीमा और स्वामित्व कार्ड जैसे महत्वपूर्ण कार्य मौके पर ही निपटाए जाएंगे।

डबल इंजन सरकार: वादों से विकास तक

शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने संकल्प पत्र के वादों को निभाते हुए किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये वार्षिक कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण किसानों को दिया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए पीएम कुसुम योजना के तहत 52 हजार सोलर पंपों पर अनुदान दिया गया है, जिससे अब 22 जिलों के किसानों को दिन में बिजली मिलना संभव हो पाया है।

“किसान भारत की आत्मा हैं। जब हमारा अन्नदाता सशक्त होगा, तभी गांव और प्रदेश प्रगति करेंगे। हमारी सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है।” — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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