सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: हज़रत पीर कुर्बानशाह वली का 39वाँ उर्स धूमधाम से संपन्न

भीनमाल। क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम कौमी एकता के प्रतीक हज़रत पीर कुर्बानशाह वली का 39वाँ उर्स मुबारक पूरे अकीदत और शानो-शौकत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धर्मों और राजनीतिक विचारधाराओं के लोगों ने शिरकत कर दरगाह शरीफ पर चादर पेश की और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी।


प्रमुख अतिथियों ने की शिरकत

उर्स के मौके पर कांग्रेस सेवा दल के जिलाध्यक्ष भेरूपालसिंह शेखावत, प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव श्रवण ढांका, भीनमाल ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. दिनेश जम्भाणी और ठाकुर खीमसिंह विशेष रूप से दरगाह पहुंचे। सभी अतिथियों ने मजार शरीफ पर मत्था टेका और देश में शांति, सद्भाव एवं आपसी भाईचारे के लिए प्रार्थना की।

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना

इस अवसर पर आयोजित कौमी एकता कार्यक्रम और जलसे को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव श्रवण ढांका ने कहा, “मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सबका है यह वतन।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं।

ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश जम्भाणी ने एकता का अनूठा उदाहरण देते हुए कहा कि कौमी एकता का सबसे बड़ा प्रतीक ब्लड बैंक है। उन्होंने कहा, “खून की बोतल पर जाति या धर्म का कोई टैग नहीं होता, वह केवल इंसानियत की जान बचाने के काम आता है।”

आभार और संचालन

कार्यक्रम का सफल संचालन मोहम्मद हनीफ तवाव द्वारा किया गया। उर्स के समापन पर दरगाह सचिव भुट्टे खान ने सभी आगंतुकों और अतिथियों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।


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