अग्रणी राजस्थान के आधार स्तंभ हैं किसान-पशुपालक: बजट पूर्व संवाद में CM भजनलाल शर्मा ने गिनाईं उपलब्धियां, लिए सुझाव

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि किसान और पशुपालक राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। राज्य को ‘आपणो अग्रणी राजस्थान’ बनाने के संकल्प में कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में आगामी बजट 2026-27 के मद्देनजर कृषि और पशुपालन क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे।

किसानों को संबल: सम्मान निधि और बिजली-पानी पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के साथ ही कृषि की बुनियादी जरूरतों—बिजली और पानी—को प्राथमिकता दी गई है।

  • मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की ₹6,000 की राशि में राज्य सरकार ने ₹3,000 की अतिरिक्त वृद्धि की है। अब तक 72 लाख किसानों को ₹2,073 करोड़ की राशि दी जा चुकी है।
  • दिन में बिजली का लक्ष्य: राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सौर ऊर्जा संयंत्रों पर ₹921 करोड़ का अनुदान दिया गया है।
  • जल प्रबंधन: राम जल सेतु, यमुना जल समझौता और देवास जैसी परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

कृषि उत्पादों को ‘ग्लोबल’ पहचान: GI टैग की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार दिलाने के लिए जीआई (GI) टैग की प्रक्रिया तेज कर दी गई है:

  • सोजत की मेहंदी और नागौरी अश्वगंधा को जीआई टैग मिल चुका है।
  • नागौरी पान मेथी, कैर-सांगरी, बीकानेरी मोठ, बारां का लहसुन और मारवाड़ी काचरी अब जीआई टैग की कतार में हैं।
  • स्थानीय उत्पादों के भंडारण के लिए 3,229 प्याज भंडारगृहों का निर्माण ₹45 करोड़ के अनुदान से करवाया गया है।

पशुपालकों का सशक्तीकरण: बीमा और मुफ्त इलाज

पशुपालन क्षेत्र में राजस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए श्री शर्मा ने कहा:

  • मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना: 12 लाख से अधिक पशुओं का निःशुल्क बीमा किया गया है।
  • मोबाइल वेटेरिनरी सेवा: 536 मोबाइल वाहनों द्वारा 60 लाख पशुओं का उनके द्वार पर ही उपचार किया गया है। पशुओं के लिए मुफ्त दवाओं की संख्या 138 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
  • दुग्ध संबल योजना: दुग्ध उत्पादकों को ₹5 प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है, जिसके तहत ₹1,300 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

गौशालाओं को ₹3,432 करोड़ का अनुदान

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजीकृत गौशालाओं में बड़े पशुओं के लिए ₹50 और छोटे पशुओं के लिए ₹25 प्रतिदिन का अनुदान दिया जा रहा है। अब तक गौशालाओं को ₹3,432 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि राजस्थान ने ‘गोपाल रत्न अवॉर्ड 2025’ के तहत देश में सर्वाधिक 3 राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं।

बजट के लिए मिले सुझाव

संवाद के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने जैविक खेती को प्रोत्साहन, महिला कृषकों के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण और कम पानी वाली फसलों के उत्पादन जैसे सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इन सकारात्मक सुझावों को आगामी बजट में प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा।

इस अवसर पर किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, एसीएस (CMO) अखिल अरोड़ा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेश भर से आए प्रगतिशील किसान व पशुपालक उपस्थित रहे।

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